युद्धपोत ‘INS तारागिरि’ नौसेना के बेड़े में शामिल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताई नए युद्धपोत की ताकत
विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश), 3 अप्रैल। भारत की समुद्री ताकत को नई ऊंचाई देने वाला उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट ‘आईएनएस तारागिरि’ शुक्रवार को भारतीय नौसेना में शामिल हो गया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि तारागिरि के शामिल हो जाने से नौसेना की क्षमताओं में बड़ा इजाफा हुआ है।

तारागिरि की कमीशनिंग नौसेना की ताकत, मूल्यों व कमिटमेंट को और मजबूत करेगी
राजनाथ सिंह ने नौसेना की भूमिका पर जोर देते हुए कहा, ‘हमारी नौसेना, चाहे वह फारस की खाड़ी हो या मलक्का स्ट्रेट, हिन्द महासागर में लगातार अपनी मौजूदगी बनाए रखती है। जब भी कोई संकट आता है, चाहे वह निकासी ऑपरेशन हो या मानवीय सहायता देना हो, हमारी नौसेना हमेशा सबसे आगे रहती है। हमारी नौसेना भारत के मूल्यों और कमिटमेंट का प्रतीक है। आईएनएस तारागिरि की कमीशनिंग हमारी नौसेना की ताकत, मूल्यों और कमिटमेंट को और मजबूत करेगी।’
Attended the Commissioning Ceremony of #INSTaragiri at Visakhapatnam.
A masterclass in modern naval shipbuilding, this latest stealth frigate, with a displacement of approximately 6,670 tonnes, has been designed by the Warship Design Bureau and built by Mazagon Dock… pic.twitter.com/UhUh3rFYQl
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) April 3, 2026
राजनाथ सिंह ने इस अवसर की अहमियत पर जोर देते हुए कहा, “आज, स्टेट-ऑफ-द-आर्ट वॉरशिप, ‘तारागिरि’, इंडियन नेवी में शामिल हो रहा है। तारागिरि का शामिल होना भारत की बढ़ती समुद्री ताकत का प्रतीक है। इस मौके पर, मैं मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड और इंडियन नेवी समेत सभी देशवासियों को बधाई देता हूं।”
उन्होंने कहा, ‘भारत अब defence manufacturing में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह एक clear signal है कि हम global level पर अपनी पहचान बना रहे हैं। यह एक स्पष्ट संकेत है कि रक्षा क्षेत्र में भारत की आभा, संपूर्ण विश्व में फैल रही है।’
Speaking at the commissioning ceremony of INS Taragiri in Visakhapatnam. https://t.co/nQ91QSBZEr
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) April 3, 2026
सक्षम नौसेना देश के लिए विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता
राजनाथ सिंह ने भारत के विकास में समुद्री ताकत की रणनीतिक अहमियत पर भी जोर दिया। भारत की ऑपरेशनल तैयारी के बारे में उन्होंने कहा, ‘जब भी तनाव की स्थिति बनी है, इंडियन नौसेना ने हमारे कमर्शियल जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा पक्की की है। हमारी नौसेना ने साबित कर दिया है कि वह न सिर्फ भारत के हितों की रक्षा करने में सक्षम है, बल्कि जब ज़रूरत पड़ी, तो वह अपने नागरिकों और व्यापार के रास्तों को सुरक्षित रखने के लिए दुनिया भर में हर कदम उठा सकती है। यही क्षमता भारत को एक जिम्मेदार समुद्री ताकत बनाती है।’
📸 The Indian Navy's advanced stealth frigate "Taragiri" commissioned in Visakhapatnam with Union Defence Minister Rajnath Singh in attendance pic.twitter.com/m5YdnD4hZ5
— The Tatva (@thetatvaindia) April 3, 2026
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि आईएनएस तारागिरि को multi-role operations के लिए तैयार किया गया है। High intensity combat से लेकर, maritime security, anti-piracy operations, coastal surveillance, और humanitarian missions तक, यह हर role में fit बैठता है। यह flexibility ही, इसे एक Unique naval platform बनाती है।
नौसेना भारतीय वाणिज्यिक जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा में तत्पर
रक्षा मंत्री ने कहा कि ऊर्जा आपूर्ति समेत देश का 95 प्रतिशत व्यापार समुद्री मार्ग से होता है और ऐसे में उभरते समुद्री खतरों के बीच वाणिज्यिक जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा में भारतीय नौसेना की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।
इतिहास का हवाला देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि नौसैनिक शक्ति को मजबूत किए बिना कोई भी देश सही मायनों में शक्तिशाली नहीं बन सकता, इसलिए जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2047 तक ‘विकसित भारत’ की बात करते हैं, तो उसमें समुद्री शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।
