अग्निवीर पर बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, बोले- हर युवा को मिले 3-4 साल की सैन्य ट्रेनिंग

लखनऊ, 6 नवंबर। भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अग्निवीर योजना और जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अग्निवीर योजना की मंशा का समर्थन करते हुए कहा कि भारत में भी रूस समेत कई देशों की तर्ज पर हर युवा को 3 से 4 साल की सैन्य ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। इससे देश का प्रत्येक नागरिक शारीरिक रूप से स्वस्थ होने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर सैनिक की भूमिका निभाने के लिए भी तैयार रहेगा।

वहीं, जनसंख्या नियंत्रण कानून पर उन्होंने कहा कि अगर सरकार दो या तीन बच्चों की सीमा निर्धारित करती है तो इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ गंभीरता से विचार करना होगा। हालांकि, उन्होंने इसके साथ जातीय और सामाजिक संतुलन बनाए रखने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि जनसंख्या नियंत्रण की नीति बनाते समय इस बात का ध्यान रखना होगा कि किसी वर्ग का अस्तित्व ही खतरे में न पड़ जाए।

हर युवा को मिले 3-4 साल की सैन्य ट्रेनिंग

अग्निवीर योजना पर अपनी राय रखते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि रूस समेत कई देशों में युवाओं को स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद तीन से चार साल तक सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके बाद युवा अपनी पसंद के अनुसार मेडिकल, इंजीनियरिंग या दूसरे क्षेत्रों में पढ़ाई और करियर बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि संभव है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इस कानून को बनाने वाले लोगों के मन में भी यही भावना रही हो कि देश का हर युवा स्वस्थ रहे और जरूरत पड़ने पर सैनिक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हो। इसके लिए दो से तीन साल की सैन्य ट्रेनिंग जरूरी है।

अग्निवीर योजना में नौकरी जोड़ने से बढ़ा अंतर्विरोध

भाजपा नेता ने कहा कि अग्निवीर योजना की मूल भावना सैन्य प्रशिक्षण से जुड़ी थी, लेकिन जब इसमें नौकरी देने की व्यवस्था भी जोड़ दी गई तो कुछ अंतर्विरोध पैदा हो गए। उन्होंने कहा कि सेना की जरूरत, युद्ध की परिस्थितियों और युवाओं की अपेक्षाओं को देखते हुए सरकार ने अग्निवीरों के कार्यकाल में जो दो साल की बढ़ोतरी की है, वह स्वागतयोग्य कदम है। उनके मुताबिक, इस फैसले से अधिक संख्या में युवा अग्निवीर बनने की तैयारी करेंगे। इससे युवाओं में अनुशासन और शारीरिक क्षमता बढ़ेगी और देश भी मजबूत होगा।

जनसंख्या नियंत्रण पर भी दिया बड़ा बयान

जनसंख्या नियंत्रण के मुद्दे पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि देश में एक ऐसा वर्ग है, जो किसी भी जाति या व्यवसाय से जुड़ा हो, जनसंख्या नियंत्रण के नियमों का पालन कर रहा है। वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इसका अनुसरण नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार दो या तीन बच्चों की सीमा तय करती है तो इसका उल्लंघन करने वालों के मामले में गंभीरता से विचार करना होगा। हालांकि, यह मामला केवल जनसंख्या नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सामाजिक और जातीय संतुलन को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

‘ऐसा न हो कि किसी वर्ग का अस्तित्व ही समाप्त हो जाए’

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि भारत में जाति व्यवस्था को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। राजनीतिक दल जब चुनाव में उम्मीदवारों को टिकट देते हैं तो कई बार उनकी प्राथमिकता क्षेत्र में किसी जाति या समुदाय की संख्या और बहुमत होता है। इसी आधार पर टिकट वितरण से लेकर मंत्री पद तक के फैसले प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण की नीति बनाते समय इस विषमता और राजनीतिक वास्तविकता पर भी ध्यान देना होगा। ऐसा नहीं होना चाहिए कि जनसंख्या नियंत्रण के नाम पर किसी वर्ग का अस्तित्व ही समाप्त होने की स्थिति पैदा हो जाए।भाजपा नेता ने जोर देकर कहा कि देश में जनसंख्या नियंत्रण जरूरी है, लेकिन इसके साथ जातीय और सामाजिक संतुलन बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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