योगी सरकार का फैसला – यूपी पुलिस भर्ती की आयु सीमा में दी 3 वर्ष की छूट
लखनऊ, 5 जनवरी। यूपी पुलिस में भर्ती का इंतजार कर रहे राज्य के युवा अभ्यर्थियों के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने अहम फैसला लिया है, जिससे हजारों उम्मीदवारों को सीधा फायदा मिलेगा। दरअसल, राज्य सरकार ने 32, 679 पदों की भर्ती के लिए आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट की घोषणा की है। यह निर्णय लंबे समय से उठ रही मांगों के बाद लिया गया है। इस मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी, दोनों दलों की ओर से सरकार से आयु में छूट देने की मांग की जा रही थी, जिसे अब मंजूरी दे दी गई है।
पुलिस और जेल विभाग में भर्तियों का रास्ता साफ
मुख्यमंत्री योगी के इस फैसले से पुलिस और जेल विभाग के विभिन्न विभागों में होने वाली भर्तियों का रास्ता साफ हो गया है। इस मेगा भर्ती अभियान के तहत कई पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें आरक्षी (सिपाही), PAC, विशेष सुरक्षा बल (UPSSF), महिला बटालियन और जेल वार्डर शामिल है।
इस नियम के तहत लिया गया निर्णय
राज्य सरकार का यह निर्णय उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती के लिए आयु सीमा का शिथिलीकरण) नियमावली-1992 के नियम-3 के आलोक में लिया गया है। फैसला 31 दिसम्बर, 2025 को जारी भर्ती विज्ञप्ति के अनुक्रम में पांच जनवरी, 2026 को जारी शासनादेश के माध्यम से लागू किया गया है। इससे बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा, जो आयु सीमा के कारण अब तक भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे थे।
अभ्यर्थियों के हित में लिया गया फैसला
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि फैसला अभ्यर्थियों के हित में लिया गया है। सीएम योगी की तरफ से उठाया गया यह कदम साफ दिखता है कि राज्य की सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर सचेत है। साथ ही उनकी वास्तविक समस्याओं को समझती है और समाधान के लिए ठोस फैसले लेने से पीछे नहीं हटती है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अवसर देना, रोजगार के ज्यादा से ज्यादा विकल्प उपलब्ध कराना, प्रशासनिक निर्णयों में संवेदनशीलता बनाए रखना योगी सरकार की कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है।
सपा और भाजपा ने की थी मांग
उल्लेखनीय है कि सपा मुखिया अखिलेश यादव, भाजपा नेता व विधायक शलभमणि त्रिपाठी समेत कई जन प्रतिनिधियों ने सीएम योगी को पत्र लिखकर पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों की आयु सीमा में छूट की मांग की थी।
