विश्व रजत पदक विजेता नीरज चोपड़ा बोले – हर दिन एक जैसा नहीं होता, स्वर्ण पदक की भूख बनी रहेगी

यूजीन (ओरेगन, अमेरिका), 24 जुलाई। ओलंपिक गोल्डन ब्वॉय भाला प्रक्षेपक नीरज चोपड़ा ने यहां 18वीं विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत के पहली बार रजत पदक जीतकर इतिहास रचने के बाद कहा कि हवा के चलते उन्हें थोड़ी परेशानी हुई,लेकिन अपना बेस्ट देने की हर कोशिश करता रहेंगे। उन्होंने कहा कि मुकाबला कड़ा था, लेकिन बहुत कुछ सीखने को मिला।

‘मैं हमेशा से बोलता आया हूं कि हर एथलीट का दिन होता है’

नीरज चोपड़ा ने कहा, ‘मैं हमेशा से बोलता आया हूं कि हर एथलीट का दिन होता है। पीटर्स ने अच्छा किया, आज पीटर्स का दिन था। ओलंपिक की बात करें तो पीटर्स फाइनल में भी नहीं पहुंच पाया था। ये हर एथलीट के लिए काफी चैलेंजिंग होता है, हर एथलीट की बॉडी भी अलग होती है। कभी किसी को कंपेयर नहीं किया जा सकता। सभी ने दमखम लगाया। हमने भी काफी कोशिश की। टफ कॉम्पटिशन था। आज के खेल से बहुत कुछ सीखने को मिला है।’

हरियाणा के 24 वर्षीय एथलीट चोपड़ा ने कहा कि सिल्वर की काफी खुशी है। उन्होंने कहा, ‘अलग से कोई रणनीति नहीं थी। क्वालिफिकेशन राउंड में काफी अच्छी थ्रो थी। हर दिन अलग होता है। हमेशा वैसा रिजल्ट नहीं मिलता, जैसा हम सोचते हैं, लेकिन काफी कठिन मुकाबला था। हमने कमबैक किया और सिल्वर जीता।’

‘हर बार गोल्ड नहीं आ सकता, स्पोर्ट्स में हमेशा अप-डाउन हो सकता है’

नीरज ने कहा, ‘एंडरसन पीटर्स की थ्रो काफी अच्छी थी। मेरे लिए आज की कंडीशन अलग थी। लेकिन मुझे लगा कि थ्रो ठीक है, मैं अपने थ्रो से खुश हूं। हर बार गोल्ड नहीं आ सकता, स्पोर्ट्स में हमेशा अप-डाउन हो सकता है। मैं हमेशा बेस्ट देने की कोशिश करूंगा। आज के खेल ने बहुत कुछ सिखाया है। हवा खिलाफ थी, इसका भी असर हुआ है। कहीं न कहीं लग रहा था कि थ्रो लगेगी, लेकिन मेडल जीतने की खुशी है। आगे और मेहनत करेंगे।’

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular