वाइब्रेंट गुजरात समिट 2027: भजनलाल शर्मा और दीया कुमारी को मिला न्योता, 10 जनवरी से गांधीनगर में जुटेंगे निवेशक

जयपुर, 24 अक्टूबर। गुजरात सरकार ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी को ‘वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। आगामी 10 से 12 जनवरी तक गांधीनगर में आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन का उद्देश्य देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित करना, औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना और व्यावसायिक साझेदारियों को मजबूत करना है।

गुजरात के श्रम, कौशल विकास एवं रोजगार तथा ग्रामीण विकास मंत्री कुंवरजी बावलिया ने गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (जीयूवीएनएल) की प्रबंध निदेशक शालिनी अग्रवाल के साथ शुक्रवार को जयपुर में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं को सम्मेलन में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया गया।

10 से 12 जनवरी तक होगा आयोजन

वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट का 11वां संस्करण 10 से 12 जनवरी 2027 तक गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन एंड एग्जीबिशन सेंटर में आयोजित किया जाएगा। वहीं, सम्मेलन से एक दिन पहले 9 जनवरी को हेलीपैड एग्जीबिशन सेंटर में ‘वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल ट्रेड शो’ का उद्घाटन होगा। इस आयोजन में देश-विदेश के निवेशकों, उद्योगपतियों, नीति-निर्माताओं और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। सम्मेलन में निवेश के अवसरों, औद्योगिक विकास, तकनीकी नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

22 देशों में निवेशकों तक पहुंचेगी गुजरात सरकार

शिखर सम्मेलन से पहले गुजरात सरकार निवेशकों तक अपनी पहुंच बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत अक्टूबर और नवंबर के दौरान 22 देशों में निवेश संबंधी संपर्क अभियान चलाने और भारत के आठ शहरों में रोडशो आयोजित करने की योजना है। इन प्रयासों के जरिए संभावित निवेशकों को जोड़ने और नई व्यावसायिक साझेदारियों की संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया जाएगा।

सेमीकंडक्टर से ग्रीन एनर्जी तक पर रहेगा फोकस

‘विकसित गुजरात – शेपिंग ग्लोबल फ्यूचर’ थीम के तहत आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में निवेश को बढ़ावा देने के साथ तकनीक, उन्नत विनिर्माण, नवाचार और सतत विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सम्मेलन के प्रमुख क्षेत्रों में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा सेंटर, एयरोस्पेस एवं रक्षा, बायोटेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी शामिल हैं। इन क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं और भविष्य की औद्योगिक जरूरतों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

2003 में हुई थी वाइब्रेंट गुजरात पहल की शुरुआत

वाइब्रेंट गुजरात पहल की शुरुआत वर्ष 2003 में हुई थी, जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। समय के साथ यह आयोजन निवेशकों, उद्योग जगत और विभिन्न सरकारों के बीच संवाद तथा व्यावसायिक साझेदारियों को बढ़ावा देने वाले प्रमुख मंच के रूप में विकसित हुआ है। गुजरात के प्रतिनिधिमंडल की जयपुर यात्रा का एक उद्देश्य राजस्थान और गुजरात के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना भी है। निवेश, व्यापार, औद्योगिक विकास और कौशल विकास के क्षेत्रों में दोनों राज्यों के बीच सहयोग से कारोबार और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावनाएं हैं।

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