लखनऊ, 1सितंबर। उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति के बीच योगी सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य सुविधाएं और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की जा रही है। राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक, प्रदेश के 17 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब 1.70 लाख लोग इसकी चपेट में हैं। राहत की बात यह है कि अब तक बाढ़ से किसी व्यक्ति या पशु की जनहानि दर्ज नहीं की गई है।
सरकार की निगरानी में प्रभावित जिलों में प्रशासनिक टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखने और जरूरतमंदों तक तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए प्रदेश में 1,633 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं।
बाढ़ प्रभावितों के लिए भोजन की व्यवस्था
बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए बड़े स्तर पर राहत सामग्री वितरित की जा रही है। रविवार तक 2,024 खाद्यान्न पैकेट और 10,784 लंच पैकेट बांटे गए। अब तक कुल 55,572 खाद्यान्न पैकेट और करीब 3.02 लाख लंच पैकेट प्रभावित लोगों तक पहुंचाए जा चुके हैं।
प्रशासन का कहना है कि जरूरत के मुताबिक राहत सामग्री लगातार उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि बाढ़ के कारण रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने के बावजूद लोगों को भोजन की परेशानी न हो।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सरकार का फोकस
बाढ़ के दौरान दूषित पानी और संक्रमण से बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में 200 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए 5,432 क्लोरीन टैबलेट और 5,441 ORS पैकेट भी वितरित किए गए हैं।
मेडिकल टीमें प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के साथ बीमारियों की रोकथाम के लिए भी काम कर रही हैं।
525 नाव और मोटरबोट से चल रहा रेस्क्यू
जिन इलाकों में बाढ़ के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है, वहां राहत और बचाव अभियान के लिए 525 नाव एवं मोटरबोट लगाई गई हैं। इनके जरिए जरूरतमंद लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का काम किया जा रहा है।
254 बाढ़ शरणालय बनाए गए
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए प्रदेश में 254 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इनमें से 46 शरणालय फिलहाल संचालित हैं। इन राहत केंद्रों में 1,151 लोग रह रहे हैं। प्रशासन की ओर से बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भी पहुंचाया गया है।
ये 17 जिले बाढ़ से प्रभावित
30 अगस्त की स्थिति के अनुसार प्रदेश के 17 जिले बाढ़ प्रभावित हैं। इनमें अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, हमीरपुर, हरदोई, कासगंज, कन्नौज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर और वाराणसी शामिल हैं।
इन सभी जिलों में प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
पशुओं के लिए भी चारे की व्यवस्था
सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ उनके पशुधन की जरूरतों का भी ध्यान रखा है। वर्तमान में प्रभावित 20,556 पशुओं के लिए 425.89 क्विंटल भूसा वितरित किया गया है।
12 मकान क्षतिग्रस्त, 11 मामलों में सहायता वितरित
बाढ़ के चलते प्रदेश के विभिन्न प्रभावित जिलों में अब तक 12 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें से 11 मामलों में प्रभावित परिवारों को सहायता राशि वितरित की जा चुकी है।
राहत आयुक्त कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक बाढ़ से जनहानि और पशुहानि शून्य दर्ज की गई है। सरकार और प्रशासन का जोर प्रभावित आबादी को तत्काल राहत उपलब्ध कराने और लोगों को सुरक्षित रखने पर है।


