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रेलवे का नया नियम : ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले टिकट रद कराने पर नहीं मिलेगा रिफंड

रेलवे का नया नियम : ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले टिकट रद कराने पर नहीं मिलेगा रिफंड

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नई दिल्ली, 24 मार्च। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को रेलवे की भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय रेलवे कई सुधार लागू करने जा रही है, जिनका मकसद कामकाज, टिकट बुकिंग में पारदर्शिता और माल ढुलाई को बेहतर बनाना है।

जल्द ही की जाएगी 5 अहम सुधारों की घोषणा – अश्विवी वैष्णव

अश्विनी वैष्णव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने और यात्रियों के लिए सेवाओं को बेहतर बनाने के बड़े प्रयास के तहत जल्द ही लगभग पांच अहम सुधारों की घोषणा की जाएगी। इसमें एक प्रमुख नियम यह भी है कि ट्रेन के रवाना होने से आठ घंटे से भी कम समय पहले रद किए गए कन्फर्म टिकटों पर अब रिफंड नहीं मिलेगा।

यह कदम उन बड़े बदलावों का हिस्सा है, जिनका मकसद टिकट रद करने के नियमों को सख्त बनाना, आरक्षण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और आखिरी समय पर होने वाली उन टिकट रद्दीकरण को कम करना है, जिनसे यात्रियों के लिए सीटों की उपलब्धता पर असर पड़ता है।

बोर्डिंग प्वॉइंट बदलने में ज्यादा छूट देने पर भी विचार

प्रस्तावित बदलावों में नमक और गाड़ियों की ढुलाई से जुड़े सुधार शामिल हैं, साथ ही रेलवे निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उपाय भी किए जाएंगे। सरकार यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने की जगह (बोर्डिंग प्वॉइंट) बदलने में ज्यादा छूट देने पर भी ध्यान दे रही है। टिकट बुकिंग के नए नियमों के तहत, यात्री ट्रेन के रवाना होने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। इसके अलावा, तत्काल बुकिंग के लिए आधार-आधारित OTP ऑथेंटिकेशन शुरू किया गया है, ताकि वैरिफिकेशन को बेहतर बनाया जा सके और इसका गलत इस्तेमाल रोका जा सके।

अधिकारियों ने टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर एंटी-बॉट सिस्टम भी लागू किए हैं, जिसके चलते लगभग तीन करोड़ संदिग्ध या निष्क्रिय यूज़र ID को बंद कर दिया गया है। उनका कहना है कि ये सुधार कार्यक्षमता को बढ़ाने, यात्रियों की सुविधा को मज़बूत करने और रेलवे बुकिंग प्रक्रिया में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगाने के मकसद से तैयार किए गए हैं।

भारतीय रेलवे की नई कैंसिलेशन पॉलिसी के तहत, अब रिफंड इस बात पर निर्भर करेगा कि यात्री अपना कन्फर्म टिकट कितनी जल्दी कैंसिल करता है –

  • ट्रेन के रवाना होने से 72 घंटे से ज़्यादा समय पहले टिकट कैंसिल करने पर सबसे ज़्यादा रिफंड मिलेगा, इसमें हर यात्री से सिर्फ एक तय कैंसलेशन फी ली जाएगी।
  • यदि टिकट 72 से 24 घंटे के बीच रद कराया जाता है तो किराए में से 25% की कटौती होगी, बशर्ते यह कटौती तय न्यूनतम शुल्क से कम न हो।
  • ट्रेन के रवाना होने से 24 से 8 घंटे के बीच टिकट रद करने पर, यात्रियों को ‘लेट-कैंसिलेशन’ नियम के तहत किराए में से 50% की कटौती झेलनी पड़ेगी।
  • लेकिन, ट्रेन के रवाना होने से 8 घंटे से कम समय पहले कन्फर्म टिकट कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा (इसे ‘क्लोज्ड-रिफंड विंडो’ माना जाएगा), इसमें ठीक ट्रेन के रवाना होने के समय टिकट रद करना भी शामिल है।

रेल मंत्री ने यात्रियों के लिए कुछ और सहूलियतों का भी ज़िक्र किया। अब यात्रियों को ट्रेन के रवाना होने से 30 मिनट पहले तक अपनी यात्रा का क्लास बदलने और अपना बोर्डिंग प्वॉइंट बदलने की इजाजत होगी। पहले, इस तरह के बदलाव सिर्फ रिजर्वेशन चार्ट बनने से पहले ही किए जा सकते थे। ये सुधार रेलवे सेवाओं को अधिक कुशल, पारदर्शी और यात्री-अनुकूल बनाने के चल रहे प्रयासों का हिस्सा हैं।

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