1. Home
  2. हिन्दी
  3. अंतरराष्ट्रीय
  4. भारत में 7 विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी पर यूक्रेन ने जताई आपत्ति, ‘कॉन्सुलर एक्सेस’ मांगा
भारत में 7 विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी पर यूक्रेन ने जताई आपत्ति, ‘कॉन्सुलर एक्सेस’ मांगा

भारत में 7 विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी पर यूक्रेन ने जताई आपत्ति, ‘कॉन्सुलर एक्सेस’ मांगा

0
Social Share

नई दिल्ली, 19 मार्च। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को जानकारी दी कि छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक की गिरफ्तारी के बाद भारत को संबंधित सरकार से कॉन्सुलर एक्सेस का अनुरोध मिला है। मंत्रालय ने कहा कि मामले में शामिल कानूनी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अनुरोध पर ध्यान दिया जाएगा।

गिरफ्तार विदेशी नागरियों में एक अमेरिकी और 6 यूक्रेनी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस मामले में बहुत कुछ है और उन्हें इसकी जानकारी है। यह एक कानूनी मामला है। भारत सरकार की संबंधित एजेंसियां ​​इसकी जांच कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘हमें कॉन्सुलर एक्सेस का अनुरोध मिला है और मामले में शामिल कानूनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस पर ध्यान दिया जाएगा।’

भारत से भागने की फिराक में सभी विदेशी नागरिक

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार को दिल्ली, लखनऊ और कोलकाता एयरपोर्ट समेत अलग-अलग जगहों से एक अमेरिकी और छह यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी तब हुई, जब वे भारत से भागने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद एक स्पेशल एनआईए कोर्ट ने सभी सात विदेशियों को 11 दिनों की एनआईए की हिरासत में भेज दिया।

आरोप – भारत के रास्ते यूरोप से ड्रोन की बड़ी खेप आयात की

आरोप है कि ये विदेशी नागरिक वीजा पर भारत आए और फिर मिजोरम में घुस गए। इसके बाद वे म्यांमार में घुसे और जातीय युद्ध समूह से संपर्क किया। मामले की जांच कर रही एंटी-टेरर एजेंसी ने कहा कि आरोपितों ने म्यांमार में एथनिक आर्म्ड ग्रुप्स (EAG) के इस्तेमाल के लिए भारत के रास्ते यूरोप से ड्रोन की बड़ी खेप आयात की। दिलचस्प यह है कि ये समूह नॉर्थईस्ट भारत के विद्रोही समूहों से जुड़े हैं।

जब उनसे मिजोरम के रास्ते म्यांमार में उनके एंट्री के बारे में पूछा गया, यह देखते हुए कि मिजोरम आने वाले विदेशियों को संरक्षित क्षेत्र परमिट (PAP) की जरूरत होती है, तो जायसवाल ने कहा कि मामले की जांच कर रही एजेंसियां ​​और कोर्ट यह पता लगाएगी कि उन्होंने इसे लिया था या नहीं।

जायसवाल ने कहा, ‘संरक्षित क्षेत्र में आने-जाने पर रोक है। उनके पास ऐसा कोई खास दस्तावेज था या नहीं, कोर्ट इसकी जांच करेगा। यह पक्का है कि उन्हें उन इलाकों में घूमने के लिए ऐसे दस्तावेज की जरूरत होगी।’

‘हमने वेस्ट एशिया संकट में संयम और डी-एस्केलेशन की अपील की है’

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का जिक्र करते हुए, जायसवाल ने कहा कि भारत ने संघर्ष को कम करने की अपील की है। जायसवाल ने विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक ब्रीफिंग में कहा, ‘हमने वेस्ट एशिया संकट में संयम और डी-एस्केलेशन की अपील की है।’ उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूएई में अपने समकक्ष और जीसीसी समेत दूसरे विदेश मंत्रियों से बात की है।

जायसवाल ने कहा, ‘हम लड़ाई को जल्द खत्म करने की अपील दोहराते हैं। असल में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओमान के सुल्तान से हालात के बारे में बात की है।’ तेल प्लांट और ऊर्जा आधारभूत संरचना पर हमले को बहुत परेशान करने वाला बताते हुए जायसवाल ने कहा, ‘हां, यह चिंता की बात है.. जैसा कि आप जानते हैं, एनर्जी शिपिंग रूट पर असर पड़ा है. यहां भारत में, पेट्रोलियम मंत्रालय इस मुद्दे पर रोजाना प्रेस ब्रीफिंग कर रहा है।’

भारत अब रूस से भी LPG खरीदने की तैयारी कर रहा

उन्होंने कहा, ‘एलपीजी की सप्लाई चिंता की बात है। इसलिए, हम पहले घरेलू खपत और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। उनकी जरूरतों का ध्यान रखा जाएगा और फिर हम तय करेंगे कि कमर्शियल जगहों को एलपीजी सप्लाई कैसे प्रबंध की जाए। हालांकि, आपूर्ति की कमी के कारण यह चिंता की बात बनी हुई है। भारत रूस से भी LPG खरीदेगा।’

Join our WhatsApp Channel

And stay informed with the latest news and updates.

Join Now
revoi whats app qr code