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ट्रंप ने ईरान पर नए सिरे से हमले की दी चेतावनी, बोले- ‘उनके पास बातचीत के सिवाय कोई चारा नहीं’

ट्रंप ने ईरान पर नए सिरे से हमले की दी चेतावनी, बोले- ‘उनके पास बातचीत के सिवाय कोई चारा नहीं’

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वॉशिंगटन, 21 अप्रैल। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि दो हफ्ते के सीजफायर की समय सीमा (22 अप्रैल) से पहले चल रही बातचीत से कोई समझौता नहीं हो पाता तो वॉशिंगटन नए सिरे से ईरान पर सैन्य हमले शुरू कर सकता है।

मंगलवार को समाप्त होगी दो हफ्ते के सीजफायर की समयसीमा

दरअसल, कूटनीतिक कोशिशें जारी होने के बावजूद ट्रंप ने अपना रुख और कड़ा कर लिया है। CNBC के ‘स्क्वॉक बॉक्स’ पर एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना हमले के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने साथ ही चेतावनी दी कि अगर बुधवार शाम तक युद्धविराम को बढ़ाने के लिए कोई समझौता नहीं होता तो बमबारी फिर से शुरू हो सकती है।

युद्धविराम को और आगे बढ़ाने में भी ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई

ट्रंप ने युद्धविराम को और आगे बढ़ाने में भी ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई और कहा, ‘उन्हें (ईरान को) बातचीत करनी ही होगी।’ ट्रंप ने साथ ही कूटनीति को लेकर आशावादी रुख अपनाया और कहा, ‘अमेरिका एक मजबूत स्थिति से बातचीत कर रहा है। हम एक बेहतरीन समझौते के साथ बाहर आएंगे। मुझे लगता है कि उनके पास बातचीत के सिवाय कोई और चारा नहीं है। हम बातचीत की बहुत, बहुत मजबूत स्थिति में हैं।’

इस बीच उप राष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के इस्लामाबाद जाने की उम्मीद है ताकि बातचीत का दूसरा दौर हो सके क्योंकि पिछली बैठक से कोई नतीजा नहीं निकला था।

ट्रंप की कुछ पक्की मांगें ईरान ने अब तक नहीं मानी हैं

ट्रंप ने कुछ पक्की मांगें रखी हैं, जिनमें यह भी शामिल है कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम के भंडार को छोड़ दे और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण करने की कोशिशें बंद कर दे।

हालांकि सीजफायर से पहले हफ्तों तक अमेरिका और इजराइल के हमलों के बावजूद, ईरान ने अब तक इन शर्तों को मानने से इनकार कर दिया है। ह्वाइट हाउस ने संकेत दिया है कि युद्धविराम बुधवार देर रात खत्म होने वाला है और अब तक यह साफ नहीं है कि इसे आगे बढ़ाया जाएगा या नहीं।

ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व की आलोचना भी दोहराई और कहा, ‘हम कोई बहुत अच्छे लोगों के समूह से बातचीत नहीं कर रहे हैं।’ उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अमेरिका के अंदर से होने वाली राजनीतिक आलोचना बातचीत में अमेरिकी स्थिति को कमज़ोर करती है। हकीम जेफरीज समेत डेमोक्रेटिक नेताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी आलोचना बातचीत को नुकसान पहुंचाती है।

जब उनसे ईरान के बुनियादी ढांचे, जैसे पुलों और बिजली संयंत्रों को निशाना बनाने की पिछली धमकियों के बारे में पूछा गया तो विकल्प खुले होने का संकेत दे हुए ट्रंप ने कहा, ‘यह मेरी पहली पसंद नहीं है, लेकिन इससे उन्हें भी नुकसान होगा।

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