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पश्चिम बंगाल : पुनर्मतदान से पहले फाल्टा विधानसभा सीट से हटे टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान

पश्चिम बंगाल : पुनर्मतदान से पहले फाल्टा विधानसभा सीट से हटे टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान

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कोलकाता, 19 मई। पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई को प्रस्तावित पुनर्मतदान से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रत्याशी जहांगीर खान चुनावी मैदान से हट गए हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान इस सीट के कई बूथों से गड़बड़ी की शिकायतें मिलने के बाद चुनाव आयोग ने चार मई को हुई मतगणना से दो दिन पहले फाल्टा का मतदान ही रद कर दिया था और सभी 285 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने का फैसला किया था।

जहांगीर बोले – ‘मैं फाल्टा का बेटा हूं और चाहता हूं कि फाल्टा का विकास हो’

जहांगीर खान ने चुनावी मैदान से हटने के अपने फैसले पर कहा, ‘मैं फाल्टा का बेटा हूं और मैं चाहता हूं कि फाल्टा में शांति रहे और फाल्टा का विकास हो। हमारे सीएम शुभेंदु अधिकारी फाल्टा के विकास के लिए स्पेशल पैकेज दे रहे हैं, इसलिए मैं इस विधानसभा क्षेत्र के पुनर्मतदान से खुद को अलग कर रहा हूं।’

टीएमसी प्रवक्ता ने जहांगीर के चुनावी मैदन से हटने की पुष्टि की

टीएमसी के प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने भी जहांगीर खान के चुनावी मैदान से पीछे हटने की पुष्टि की है। चक्रवर्ती ने कहा कि उन्हें पता चला है कि फाल्टा पर 21 मई को दोबारा होने वाले मतदान से पीछे हटने का जहांगीर ने फैसला किया है। पार्टी को जहांगीर खान के फैसले के बारे में जानकारी मिली है, लेकिन उन्होंने ऐसा फैसला क्यों किया यह अभी स्पष्ट नहीं है।

सीएम शुभेंदु बोले – कोई और ऑप्शन भी नहीं था

वहीं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जहांगीर खान के चुनाव मैदान से पीछे हटने पर कहा कि जहांगीर फाल्टा के चुनाव मैदान से भाग गया क्योंकि उसे कोई पोलिंग एजेंट नहीं मिल रहा था। उन्होंने दावा किया कि जहांगीर खान के पास चुनाव मैदान से हटने के अलावा कोई और ऑप्शन नहीं था। उन्होंने कहा, ‘उसके पास कोई और रास्ता नहीं था क्योंकि उसे कोई पोलिंग एजेंट नहीं मिलता, इसलिए उसने भागने का फैसला किया।’

जहांगीर ने चुनावी अभियान के दौरान खुद को बताया था ‘पुष्पा’

देखा जाए तो पिछले कुछ दिनों से फाल्टा का चुनाव सुर्खियों में बना हुआ था। देखते ही देखते यह चुनाव आम सियासी लड़ाई से आगे निकलकर एक्शन फिल्मों की स्क्रिप्ट जैसा हो गया। इसकी शुरुआत तब हुई थी, जब चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा, जिन्हें यूपी की सियासत में ‘सिंघम’ के तौर पर देखा जाता है।

वहीं, टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने एक चुनावी जनसभा में खुलेआम चुनौती देते हुए कहा था, ‘अगर तुम सिंघम हो तो मैं पुष्पा हूं। पुष्पराज, झुकेगा नहीं।’ इसी बात को याद करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सवाल उठाया था कि पुष्पा कहां है?

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