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यूपी विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुरू : सपा के दिवंगत विधायक सुधाकर सिंह को दी श्रद्धांजलि, सदन सोमवार तक स्थगित

यूपी विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुरू : सपा के दिवंगत विधायक सुधाकर सिंह को दी श्रद्धांजलि, सदन सोमवार तक स्थगित

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लखनऊ, 19 दिसंबर। उत्तर प्रदेश विधानसभा ने शीतकालीन सत्र के पहले दिन समाजवादी पार्टी (सपा) के दिवंगत सदस्य सुधाकर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और सदन सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। सत्र की शुरुआत में नेता सदन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मऊ जिले के घोसी विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक रहे सुधाकर सिंह के निधन पर शोक प्रस्ताव रखा।

योगी आदित्यनाथ ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सुधाकर सिंह समाज के वंचितों और गरीबों की सेवा के प्रति सदैव समर्पित रहे। उन्होंने कहा कि सिंह आपातकाल और अन्य आंदोलनों के दौरान आजमगढ़ व लखनऊ केंद्रीय कारागार में निरुद्ध रहे। लोकतंत्र सेनानी के रूप में उन्होंने क्षेत्र के विकास और जनकल्याण के लिए लगातार कार्य किया। मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से अपने दल और पूरे सदन की ओर से सिंह के शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने का अनुरोध किया। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सुधाकर सिंह के निधन से समाज, राजनीति और समाजवादी पार्टी को अपूरणीय क्षति हुई है।

उन्होंने कहा कि सिंह पीड़ितों और गरीबों के पक्ष में तथा अन्याय के खिलाफ सदैव संघर्षरत रहे। सदन में जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के नेता रघुराज प्रताप सिंह, कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’, बहुजन समाज पार्टी के उमाशंकर सिंह, अपना दल (एस) के राम निवास वर्मा, राष्ट्रीय लोकदल के मदन भैया, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के बेदी राम और निषाद पार्टी के डॉ. संजय निषाद ने भी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना सहित पूरे सदन ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत सुधाकर सिंह को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद महाना ने सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए सदन स्थगित कर दिया।

विधान परिषद में फिर उठी चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग

उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे की अवैध बिक्री और उसके उपयोग से हो रही जनहानि को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता जताई गई है। विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक और दिनेश कुमार गोयल ने इस मुद्दे को सदन में उठाते हुए चाइनीज मांझे की खरीद-फरोख्त पर पूरी तरह प्रभावी प्रतिबंध लगाने की मांग की है। सदस्यों ने इसे जनहित और लोक महत्व का विषय बताते हुए सरकार से इस पर स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की है।

शुक्रवार को विधान परिषद में सदस्यों ने कहा कि मकर संक्रांति के आसपास पतंग उड़ाने की परंपरा के चलते चाइनीज मांझे की मांग बढ़ जाती है। हालांकि प्रदेश में इसकी बिक्री पर प्रतिबंध है, फिर भी यह धड़ल्ले से बाजारों में उपलब्ध रहता है। चाइनीज मांझा सामान्य मांझे की तुलना में कहीं अधिक धारदार और मजबूत होता है, जो आसानी से नहीं टूटता और कई बार इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों की मौत का कारण बनता है। सदस्यों ने बताया कि चाइनीज मांझा गले में उलझने पर जानलेवा साबित होता है, इसी कारण इसे “किलर मांझा” भी कहा जाता है। बाइक या साइकिल सवार हों या पैदल राहगीर, यह सभी के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।

प्रदेश के विभिन्न शहरों और गांवों से लगातार दुर्घटनाओं और मौतों की घटनाएं सामने आ रही हैं। एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने कहा कि चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर सख्त कानूनी प्रावधान मौजूद हैं। इसके बावजूद चोरी-छिपे इसका कारोबार जारी है। जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस समय-समय पर छापेमारी करती है, लेकिन इसके बाद भी अवैध बिक्री रुक नहीं पा रही है।

विधान परिषद सदस्यों ने कहा कि चाइनीज मांझा न केवल पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है, बल्कि मानव जीवन और पशु-पक्षियों के लिए भी घातक साबित हो रहा है। मकर संक्रांति जैसे पर्व के दौरान इसकी वजह से खतरा और बढ़ जाता है, ऐसे में सरकार को सख्त और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। सदस्यों ने सरकार से मांग की है कि जनहित और लोक महत्व को देखते हुए चाइनीज मांझे की खरीद-फरोख्त पर पूरी तरह प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी निर्दोष व्यक्ति या पशु-पक्षी की जान न जाए।

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