
स्वदेशी जागरण मंच, गुजरात प्रांत ने स्वावलंबी भारत अभियान के अंतर्गत अहमदाबाद में जिला स्वावलंबन केंद्र का शुभारंभ किया। यह केंद्र स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ स्वदेशी उद्योगों को मजबूत करने, रोजगार और स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र के बारे में छात्रों में जागरूकता पैदा करने और आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा देने के प्रयासों का नेतृत्व करेगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि साबरमती विधानसभा के विधायक हर्षदभाई पटेल, विशेष अतिथि पश्चिम कर्णावती विभाग के संघचालक मा. हरेशभाई ठक्कर, गांधीनगर नगर निगम के पूर्व स्टेन्डीग कमिटी अध्यक्ष श्री जसवंतभाई पटेल, स्वावलंबी भारत अभियान गुजरात क्षेत्र, दीव, दमन, दादरा नगर हवेली क्षेत्र के संरक्षक डॉ. मयूरभाई जोशी, स्वावलंबी भारत अभियान के गुजरात प्रांत समन्वयक श्री हार्दिकभाई वछानी और जिला औद्योगिक केंद्र, अहमदाबाद के सहायक आयुक्त श्री तेजसभाई मेहता उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में अन्य संगठनों के 200 से अधिक नेता, कार्यकर्ता, सामाजिक नेता, प्रबुद्ध नागरिक और व्यापारी बंधु शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती स्तुति वंदना और दीप प्रगट्य से हुई और केंद्र का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री हर्षदभाई पटेल और विशिष्ट अतिथियों द्वारा किया गया।
विधायक हर्षदभाई ने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में उद्योगों में रोजगार की बढ़ती मांग और छात्रों के बीच बेरोजगारी की समस्या के बीच असंतुलन के बारे में विस्तृत भाषण दिया और जिला स्वावलंबन केंद्र को इस विषय पर तेज गति से आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं। तेजसभाई मेहता ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों और स्टार्टअप की स्थापना और विकास के लिए सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही वर्तमान योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की कि कारीगर और मानव कल्याण योजनाएं अधिकतम लाभार्थियों तक पहुँचें। डॉ. मयूरभाई जोशी ने जिला स्वावलंबन केंद्र की अवधारणा के बारे में जानकारी दी कि केंद्र किस तरह वर्तमान रोजगार और उद्योगपतियों की अपेक्षाओं को पूरा करने का प्रयास करेगा।
जसवंतभाई पटेल ने भारत के गौरवशाली अतीत, वर्तमान और उज्ज्वल भविष्य के बारे में विस्तृत भाषण दिया। उन्होंने श्रोताओं को भारत की उद्यमशीलता और वर्तमान प्रधान मंत्री के प्रयासों से हाल के दिनों में सामने आई अकल्पनीय स्थितियों से कैसे उभर कर आया, इसकी सफलता के बारे में बताया। श्री हरेशभाई ठक्कर ने केवल आर्थिक विकास पर जोर नहीं देते हुए नैतिक मूल्यों और सतत विकास पद्धति पर आधारित प्रगति पर जोर दिया। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जिला स्वावलंबन केंद्र को इस विषय पर काम करने वाला एक और संगठन नहीं बनना चाहिए परंतु जमीन पर एक विशेष तरीके से काम करना चाहिए। राष्ट्रगान के बाद ‘मेरा जिला, मेरा देश’ और ‘जय स्वदेशी’ जैसे प्रगतिशील नारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।