Sonam Wangchuk Hunger Strike : 17वें दिन बिगड़ी सोनम वांगचुक की तबीयत, सरकार से बातचीत की मांग तेज
नई दिल्ली, 14 जुलाई। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी अनशन मंगलवार को 17वें दिन भी जारी रहा। लंबे समय से भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि उनकी शारीरिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि उनकी भूख हड़ताल का 17वां दिन है और अब उनकी मांसपेशियों का वजन कम होना शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि वांगचुक इस समय काफी दर्द में हैं। दीपके के अनुसार, जब उन्होंने अन्य लोगों की तरह सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया तो वांगचुक ने जवाब दिया, “मुझसे भूख हड़ताल खत्म करने के लिए मत कहिए। बल्कि सरकार से पूछिए कि वह बातचीत तक क्यों नहीं करना चाहती?”
महुआ मोइत्रा ने की अनशन समाप्त करने की अपील
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर सोनम वांगचुक से अपना अनशन समाप्त करने की भावुक अपील की। उन्होंने लिखा कि वांगचुक के आंदोलन ने देश के युवाओं को न्याय की लड़ाई के लिए एकजुट किया है और उनकी जिंदगी बेहद महत्वपूर्ण है। महुआ ने उनसे स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अनशन खत्म कर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का आग्रह किया।
क्या हैं आंदोलनकारियों की मांगें?
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से सीजेपी के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन जारी है। आंदोलनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करती और बातचीत शुरू नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल, आंदोलन के बीच सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है, जबकि सरकार की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
