शेयर बाजार में शुरुआती तेजी के बाद गिरावट, सेंसेक्स 303 अंक फिसला; IT शेयरों में उछाल

मुंबई, 16 अक्टूबर। पिछले कारोबारी सत्र में शानदार तेजी के बाद भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी मामूली बढ़त के साथ खुले, लेकिन बाद में दोनों प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ गया। सेंसेक्स दिन के कारोबार में 303 अंक तक फिसल गया, जबकि आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली।

सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 74,315.61 से 25.47 अंक की बढ़त के साथ 74,341.08 पर खुला। वहीं, निफ्टी 50 पिछले बंद 22,997.35 से 67.75 अंक बढ़कर 23,065.10 पर पहुंचा। हालांकि, शुरुआती तेजी बरकरार नहीं रह सकी। सेंसेक्स 302.62 अंक यानी 0.40 प्रतिशत गिरकर 74,012.99 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान इसने 74,504.34 का उच्चतम स्तर भी छुआ। निफ्टी 50 भी फिसलकर 22,913.80 के निचले स्तर पर पहुंच गया।

IT शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी

निफ्टी 50 में एचडीएफसी लाइफ, बीएसई, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, श्रीराम फाइनेंस और रिलायंस के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप 0.5 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 0.11 प्रतिशत नीचे रहा। सेक्टर के लिहाज से निफ्टी आईटी में सबसे ज्यादा 2.6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी मीडिया, निफ्टी मेटल और निफ्टी पीएसयू बैंक में भी बढ़त रही। दूसरी ओर, निफ्टी ऑयल एंड गैस, एफएमसीजी और फार्मा सूचकांकों पर दबाव देखने को मिला।

एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले-जुले संकेत

एशियाई बाजारों में शुक्रवार को ज्यादातर सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। जापान का निक्केई 225 करीब 1.38 प्रतिशत और टॉपिक्स लगभग 1.8 प्रतिशत चढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.56 प्रतिशत और ऑस्ट्रेलिया का एएसएक्स 200 करीब 1.01 प्रतिशत बढ़ा।

अमेरिकी बाजार में भी गुरुवार को प्रमुख सूचकांकों में तेजी रही। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 500 से अधिक अंक यानी करीब 1.1 प्रतिशत चढ़ा। एसएंडपी 500 में लगभग 0.3 प्रतिशत और नैस्डैक कंपोजिट में करीब 0.1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इस तेजी के साथ एसएंडपी 500 और नैस्डैक ने लगातार तीन सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया।

कच्चे तेल की कीमतों पर निवेशकों की नजर

ब्रेंट क्रूड का भाव 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहा। मध्य पूर्व में आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं ने तेल की कीमतों को समर्थन दिया। कच्चे तेल में तेजी भारतीय बाजारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि इससे आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है।

IT शेयरों की वापसी से बाजार को सहारा

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजारों ने कई वैश्विक बाजारों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में निफ्टी 50 में 668 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। आईटी कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों और सकारात्मक प्रबंधन टिप्पणियों से आईटी सूचकांक में करीब 9 प्रतिशत की वापसी हुई, जिससे बाजार को मजबूती मिली।

विशेषज्ञों को दूरसंचार, बैंकिंग, ऑटोमोबाइल और तांबा, एल्युमीनियम तथा जिंक जैसी धातुओं से जुड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजों से भी उम्मीदें हैं। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें विदेशी निवेशकों की बिकवाली को प्रभावित कर सकती हैं।

निफ्टी के लिए 23,200 से 23,600 का स्तर अहम

तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,200 से 23,600 का दायरा महत्वपूर्ण बना हुआ है। हालिया तेजी के बाद यदि सूचकांक 23,070 के नीचे बना रहता है, तो बाजार में कुछ गिरावट या औसत स्तरों की ओर वापसी देखने को मिल सकती है। वहीं, 22,780 के स्तर से नीचे बड़ी गिरावट नहीं आने तक निचले स्तरों पर खरीदारी की संभावना बनी रह सकती है।

कुल मिलाकर, आईटी शेयरों की मजबूती और एशियाई बाजारों की तेजी के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में दबाव देखने को मिला। आने वाले सत्रों में निवेशकों की नजर कंपनियों के तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी।

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