Share Market : शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 72,370 और निफ्टी 22,523 के पार; IT और रियल्टी शेयरों में उछाल

मुंबई, 13 अक्टूबर। भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को सपाट शुरुआत करने के बाद तेजी पकड़ी। शुरुआती कारोबार में आईटी और रियल्टी शेयरों में खरीदारी से बाजार को सहारा मिला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों अपने शुरुआती स्तर से ऊपर चढ़े, जबकि हेल्थकेयर और फार्मा शेयरों में दबाव देखने को मिला।

कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 27.05 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ 71,951.73 पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 0.80 अंक की मामूली बढ़त के साथ 22,364.15 पर खुला।

शुरुआती कारोबार में तेजी बढ़ने के साथ सेंसेक्स 72,370.16 के दिन के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। यह पिछले बंद स्तर 71,924.68 से 445.48 अंक अधिक था। इसी तरह निफ्टी 50 ने 22,523.65 का उच्चतम स्तर छुआ, जो पिछले बंद 22,363.35 से 160.30 अंक ऊपर था।

IT और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी

सेक्टोरल कारोबार में आईटी और रियल्टी शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी आईटी, निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम और निफ्टी रियल्टी में करीब 2 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।

इसके अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.31 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी में 0.22 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.20 प्रतिशत की बढ़त रही।

दूसरी ओर, हेल्थकेयर और फार्मा शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा। निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर, निफ्टी 500 हेल्थकेयर, निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर सूचकांकों में 0.75 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।

व्यापक बाजारों में निफ्टी मिडकैप 0.3 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.8 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।

FII की बिकवाली और DII की खरीदारी पर नजर

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निकट अवधि में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीदारी का रुझान बाजार को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 5.2 प्रतिशत से ऊपर बने रहने पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव जारी रह सकता है।

हालांकि, सितंबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड में 38,307 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शुद्ध निवेश घरेलू बाजार के लिए सहारा बना हुआ है। इससे घरेलू संस्थागत निवेशकों को विदेशी निवेशकों की बिकवाली के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

महंगाई और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ा सकती हैं चिंता

विशेषज्ञों ने 5.54 प्रतिशत खुदरा महंगाई, 7.74 प्रतिशत खाद्य महंगाई और 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर ब्रेंट क्रूड की कीमतों को लेकर चिंता जताई है। दिए गए बाजार विश्लेषण के अनुसार, इन परिस्थितियों में दिसंबर में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से ब्याज दर बढ़ाने की संभावना पर चर्चा बनी हुई है।

हालांकि, ब्याज दरों को लेकर अंतिम फैसला महंगाई, आर्थिक परिस्थितियों और आरबीआई के नीतिगत आकलन पर निर्भर करेगा। ब्याज दरों में बदलाव का बैंकिंग क्षेत्र के मार्जिन और बाजार की चाल पर भी असर पड़ सकता है।

निफ्टी के लिए 22,435 का स्तर अहम

तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक, हालिया गिरावट के बाद बाजार की रिकवरी में कुछ कमजोरी आई है। हालांकि, सोमवार की गिरावट में हालिया निचले स्तर के टूटने से बचने के कारण निकट अवधि में उछाल की संभावना बनी हुई है।

विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी को मजबूती बनाए रखने के लिए 22,435 के स्तर के ऊपर टिकना जरूरी होगा। ऐसा नहीं होने पर सूचकांक 22,070 से 21,900 के दायरे की ओर फिसल सकता है।

एशियाई बाजारों में कमजोरी, अमेरिकी बाजार पर भी दबाव

एशियाई बाजारों में मंगलवार को कमजोरी देखने को मिली। तीसरी तिमाही के नतीजों से पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में दबाव की खबरों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।

अमेरिकी बाजार में सोमवार को नैस्डैक गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं, सऊदी अरब के एक हवाई अड्डे पर हमले की खबर के बाद तेल की कीमतों में उछाल आया। निवेशकों की नजर बैंकिंग कंपनियों के तिमाही नतीजों और इस सप्ताह जारी होने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों पर बनी हुई है।

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