विश्व महिला मुक्केबाजी : स्वीटी बूरा और नीतू घंघास ने भारत के लिए जीते स्वर्ण पदक

नई दिल्ली, 25 मार्च। भारत की दो मुक्केबाजों – स्वीटी बूरा और नीतू घंघास ने यहां जारी आईबीए विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में शनिवार को जबर्दस्त प्रदर्शन के सहारे क्रमशः 81 किलो और 48 किलो ग्राम वेट कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीत लिए। देश की दो अन्य मुक्केबाज निकहत जरीन (50 किलो), लवलीना बोरगोहेन (75 किलो) रविवार को स्वर्ण पदक के लिए रिंग में उतरेंगी।

इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में भारत को दिन का पहला स्वर्ण पदक 22 वर्षीया नीतू ने दिलाया, जिन्होंने 48 किलो वर्ग के फाइनल में मंगोलियाई स्पर्धी लुत्सेखान अल्तांसेटसेग को 5-0 से पटखनी दी। कुछ देर बाद मेजबान दल की स्वर्णिम खुशी दोगुनी हो गई, जब 30 वर्षीया स्वीटी ने पूर्व विश्व विजेता चीन की वांग लिना को 4-3 से परास्त किया।

नीतू और स्वीटी इसके साथ ही विश्व खिताब जीतने वालीं देश की छठी और सातवीं मुक्केबाज बन गई हैं। छह बार की चैम्पियन एम.सी. मैरीकॉम (2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018), सरिता देवी (2006), जेनी आर. एल. (2006), लेखा केसी (2006) और निकहत जरीन (2022) अन्य मुक्केबाज हैं, जिन्होंने विश्व खिताब जीते हैं।

नीतू ने राष्ट्रमंडल खेलों में भी जीता था स्वर्ण पदक

पिछले वर्ष बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भी स्वर्ण पदक जीतने वाली नीतू पर पहले राउंड की शुरुआत में मंगोलियाई मुक्केबाज ने दबाव बनाने की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने भी अपने पंच दिखाते हुए जल्द ही वापसी की। नीतू ने विपक्षी मुक्केबाज को गलती करने पर मजबूर किया। आखिरी के 15 सेकेंड में तो ज्यादा आक्रामक नजर आ रहीं नीतून ने पहला राउंड अपने नाम किया।

दूसरे राउंड में नीतू ने दनादन सीधे मुक्के जड़े। अल्तांसेटसेग ने जब जवाबी हमला किया तो भारतीय मुक्केबाज ने प्रतिद्वंद्वी से अच्छा बचाव किया। दोनों मुक्केबाज करीब होकर खेल रही थीं और एक दूसरे को जकड़ रही थी, जिसमें दूसरे राउंड के अंत में नीतू पर ‘पेनाल्टी’ से अंक कांट लिए गए। इसके बावजूद नीतू ने यह राउंड 3-2 से नाम किया।

फिर अंतिम तीन मिनट में नीतू ने दूर से शुरुआत की और अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए फिर करीब से खेलने लगीं जिसमें अल्तानसेतसेग का भी प्रतिद्वंद्वी को जकड़ने के लिए एक अंक काट लिया गया। अंत में नीतू विजेता रहीं।

विश्व चैंपियनशिप में स्वीटी ने जीता दूसरा पदक

उधर स्वीटी बूरा ने चीनी मुक्केबाज वांग लिना को हराकर विश्व चैंपियनशिप में दूसरी बार पदक जीता। इससे पहले वह 2014 में दक्षिण कोरिया विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची थीं, जहां फाइनल में उन्हें चीन की यांग जियोली से मात खाने के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा था।

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