महादेव एप सट्टेबाजी गैंग का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर ओमान से भारत लाया गया, रायपुर कोर्ट में होगी पेशी

नई दिल्ली, एक नवम्बर। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल बैठाकर, महादेव एप (Mahadev App) अवैध सट्टेबाजी सिंडिकेट के मास्टर माइंड सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाने में बड़ी सफलता हासिल की है। ओमान भेजी गई सीबीआई की एक विशेष टीम उसे अपने साथ भारत वापस ले आई है। अब सोमवार को उसे रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा।

सीबीआई के दो और ईडी के एक मामले में वांछित है चंद्राकर

सौरभ चंद्राकर सीबीआई के दो मामलों में वांछित है, जिनमें पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। वह प्रवर्तन निदेशालय (ED) के एक मामले में भी आरोपित है। यह प्रत्यर्पण उन भगोड़ों को वापस लाने के भारत के लगातार प्रयासों में एक बड़ा मील का पत्थर है, जो विदेशों से भारतीय नागरिकों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क चलाते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने महादेव ऑनलाइन बुक मामलों की जांच अपने हाथ में ली थी।

देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट्स में से एक था महादेव 

उल्लेखनीय है कि महादेव ऑनलाइन बुक देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट्स में से एक था, जिसे भारत के बाहर से चलाया जा रहा था। यह सिंडिकेट पूरे भारत में फैले फ्रेंचाइजी ‘पैनलों’ और ‘शाखाओं’ के नेटवर्क के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, कार्ड गेम और अन्य आयोजनों पर अवैध सट्टेबाजी की सुविधा देता था, जो यूजर्स को जोड़ते थे और उनसे सट्टे की रकम वसूलते थे।

अवैध सट्टेबाजी से होने वाली कमाई हवाला चैनलों के जरिए विदेश भेजी जाती थी

इस अवैध सट्टेबाजी से होने वाली कमाई को बड़ी संख्या में फर्जी बैंक खातों के जरिए घुमाया जाता था और कई ट्रांजैक्शंस के बाद हवाला चैनलों के जरिए विदेश भेज दिया जाता था। जांच में यह भी पता चला है कि इस काली कमाई के एक हिस्से का इस्तेमाल सरकारी कर्मचारियों को प्रोटेक्शन मनी (रिश्वत) देने के लिए किया जाता था ताकि यह सिंडिकेट बिना किसी रुकावट के चल सके।

सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी व जालसाजी से जुड़ी भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के साथ-साथ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत चार्जशीट दाखिल की है। सौरभ चंद्राकर इन चार्जशीट में नामजद मुख्य आरोपियों में से एक है. ईडी ने भारत और विदेशों में उसकी कई संपत्तियों को कुर्क किया है।

रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने चंद्राकर को हिरासत में लिया था

चंद्राकर के खिलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे ढूंढकर हिरासत में लिया था। इसके बाद सीबीआई और ईडी ने आरोपित के खिलाफ जुटाए गए सभी सबूतों के साथ तुरंत ओमान को औपचारिक प्रत्यर्पण प्रस्ताव भेजे थे। भारत सरकार की एजेंसियों और इंटरपोल नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के साथ तालमेल और ओमान के सक्षम अधिकारियों के सहयोग से इस प्रत्यर्पण अनुरोध पर लगातार काम किया गया।

प्रत्यर्पण की मंजूरी मिलने के बाद सीबीआई की एक टीम मस्कट गई और उसे सुरक्षा के बीच भारत वापस ले आई। सीबीआई ने ओमान सल्तनत की सरकार और रॉयल ओमान पुलिस द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है, जो दोनों देशों के बीच करीबी व मैत्रीपूर्ण संबंधों और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से लड़ने के उनके साझा संकल्प को दिखाता है।

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