सात्विक व चिराग ने रचा इतिहास : चाइना मास्टर्स में पहली बार जीता पुरुष युगल खिताब

शेनझेन, 6 सितम्बर। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी व चिराग शेट्टी की दिग्गज भारतीय जोड़ी ने एशियाई खेलों से ठीक पहले अपनी पुरानी रंगत में लौटते हुए रविवार को यहां चाइना मास्टर्स के इतिहास में नए अध्याय का सृजन किया और इस BWF सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में फाइनल के तीन प्रयासों में पहली बार पुरुष युगल उपाधि पर अधिकार कर लिया।

BWF विश्व रैंकिंग में पांचवें नंबर पर काबिज चतुर्थ वरीय सात्विक-चिराग ने शेनझेन एरेना के कोर्ट नंबर एक पर खेले गए दिन पांचवें व अंतिम मैच में चीनी जोड़ी – हे जी टिंग व रेन झियांग यु के खिलाफ पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी की और 70 मिनट की कश्मकश में 11-21, 21-13, 21-17 की जीत से श्रेष्ठता सिद्ध की।

फाइनल के तीन प्रयासों में मिली पहली खिताबी सफलता

दिलचस्प यह है सात्विक व चिराग का इस टूर्नामेंट में चार वर्षों के भीतर यह तीसरा व लगातार दूसरा फाइनल था। वर्ष 2023 में उपजेता रहने के बाद पिछले वर्ष फाइनल में उन्हें टॉप सीड किम वोन हो व सेयो सेयंग जे की कोरियाई जोड़ी से पराजय झेलनी पड़ी थी। लेकिन आज पूर्व विश्व नंबर चार चीनी टीम से पहला गेम गंवाने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

चालू सत्र में जीता दूसरा सुपर 750 खिताब

पिछले एशियाई खेलों के चैम्पियन चिराग-सात्विक ने इसके साथ ही वर्ल्ड टूर के चालू सत्र में अपना दूसरा खिताब जीत लिया है। गत मई माह में वे पहले थाईलैंड ओपन सुपर 500 में उपजेता रहे थे और फिर सिंगापुर ओपन सुपर 750 के जरिए उन्होंने सत्र का पहला खिताब जीता था। इसी क्रम में उन्होंने चालू सत्र का दूसरा व करिअर का चौथा सुपर 750 खिताब अपने नाम किया।

अंतिम दिन के सभी परिणामों पर एक नजर

कुल मिलाकर देखें तो पिछले माह नई दिल्ली में संपन्न बीडब्ल्यूएफ विश्व चैम्पियनशिप में क्वार्टरफाइनल तक पहुंचने के बाद अब भारतीय दिग्गजों ने चाइना मास्टर्स में खिताबी सफलता के जरिए आगामी 19 सितम्बर से जापान में शुरू हो  रहे एशियाई खेलों की अपनी परफेक्ट तैयारियों का भी संकेत दे दिया है।

चीनी जोड़ी के खिलाफ सात्विक-चिराग का रिकॉर्ड 3-0

खिताबी मुकाबले की बात करें तो भारतीय जोड़ी का सामना चीन की ऐसी टीम से था,  जो लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय सर्किट से दूर रहने के कारण रैंकिंग में गिरकर 70वें नंबर पर पहुंच गई थी। हे जी टिंग के लिए यह वापसी के बाद केवल तीसरा टूर्नामेंट है। उन्होंने चीनी बैडमिंटन संघ द्वारा लगाई गई अनुशासनात्मक निलंबन की सजा पूरी करने के बाद प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन में वापसी की है। सात्विक और चिराग ने हालांकि इससे पहले चीनी जोड़ी के खिलाफ हुए अपने दोनों मुकाबलों में जीत दर्ज की थी।

पहला गेम गंवाने के बाद भारतीयों ने की वापसी

इस वर्ष के अपने 10वें टूर्नामेंट में तीसरा फाइनल खेलने उतरे सात्विक-चिराग की शुरुआत हालांकि ठीक नहीं रही और वे पहले गेम में प्रतिद्वंद्वी जोड़ी की गति से तालमेल नहीं बैठा सके। लेकिन मौजूदा संस्करण में पहली बार पहला गेम गंवाने के बाद भारतीय जोड़ी ने शानदार वापसी की और रैलियों को लंबा खींचने के साथ प्रतिद्वंद्वी जोड़ी को बार-बार फ्रंट कोर्ट पर खेलने से रोका। इसी क्रम में भारतीय जोड़ी द्वारा जीती गई 45 शॉट की एक लंबी रैली ने उसकी बढ़त 12-8 हुई। फिर सात्विक-चिराग को सात गेम-प्वॉइंट मौके मिले और सात्विक ने आक्रामक रिटर्न लगाकर गेम अपने नाम कर लिया।

निर्णायक गेम में भी कड़ी टक्कर देखने को मिली

हालांकि निर्णायक गेम में चीनी शटलरों ने फिर रफ्तार पकड़ी और शुरुआत में 4-0 की बढ़त के बाद ब्रेक तक ने 11-9 से आगे थे। कड़े संघर्ष के बीच हे जी टिंग शटल को नेट में लगा बैठे, जिससे भारत 18-17 से आगे हो गया। फिर नेट कोर्ड की मदद से भारतीय जोड़ी को तीन मैच प्वॉइंट मिले और और चिराग ने जोरदार स्मैश लगाकर खिताब भारत की झोली में डाल दिया।

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