1. Home
  2. कारोबार
  3. E-commerce पर उठते सवाल : CAIT ने व्यापारियों की सुरक्षा के लिए की कड़ी कार्रवाई की मांग
E-commerce पर उठते सवाल : CAIT ने व्यापारियों की सुरक्षा के लिए की कड़ी कार्रवाई की मांग

E-commerce पर उठते सवाल : CAIT ने व्यापारियों की सुरक्षा के लिए की कड़ी कार्रवाई की मांग

0
Social Share

तिरुवनंतपुरम, 6 अप्रैल। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) ने केंद्र सरकार से कुछ ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स कंपनियों की कथित अनुचित व्यापारिक प्रथाओं के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई करने का आह्वान किया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि ये गतिविधियां भारत के खुदरा व्यापार तंत्र को गंभीर रूप से बाधित कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी को सौंपे गये ज्ञापन में व्यापारियों के इस संगठन ने विशेष रूप से विदेशी निवेश समर्थित फर्मों के बीच अनियंत्रित बिजनेस मॉडल को लेकर बढ़ती चिंताओं का उल्लेख किया है।

सीएआईटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया, राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद प्रवीण खंडेलवाल, राष्ट्रीय सचिव एसएस मनोज और राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्य पी. वेंकटराम अय्यर ने एक संयुक्त बयान में आरोप लगाया कि बाजार बिगाड़ने वाली कीमतें, भारी छूट, डार्क पैटर्न और मार्केटप्लेस मॉडल के तहत अप्रत्यक्ष इन्वेंट्री कंट्रोल जैसी प्रथाएं प्रतिस्पर्धा-विरोधी हैं। उन्होंने चुनिंदा विक्रेताओं को मिलने वाले अधिमान्य व्यवहार और ‘डार्क स्टोर’ के आक्रामक विस्तार को छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए बड़ा खतरा बताया।

सीएआईटी ने उल्लेख किया कि नौ करोड़ से अधिक व्यापारी भारत की आपूर्ति शृंखला और रोजगार क्षेत्र की रीढ़ हैं। नेताओं ने कहा, “ ऐसी प्रथाओं को अनियंत्रित रूप से जारी रखने की अनुमति देना भारत की आर्थिक संप्रभुता को कमजोर कर सकता है। ” उन्होंने संतुलित और सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन व्यापार के बीच समान अवसर की आवश्यकता पर बल दिया।

संगठन ने अनुचित व्यापार प्रथाओं पर अंकुश लगाने और घरेलू व्यवसायों की रक्षा के लिए सख्त कानूनी प्रावधानों और मजबूत प्रवर्तन तंत्र के साथ-साथ राष्ट्रीय ई-कॉमर्स नीति को तत्काल अंतिम रूप देने की मांग की। कैट ने एक राष्ट्रीय खुदरा विकास परिषद बनाने का भी आग्रह किया, जिसमें नीति निर्धारण में व्यापारिक समुदाय का औपचारिक प्रतिनिधित्व हो। बयान में कहा गया, “ व्यापार नीतियां बनाते समय भागीदारी वाला दृष्टिकोण महत्वपूर्ण है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि व्यापारियों की चिंताओं का पर्याप्त प्रतिबिंब नीतियों में दिखायी दे। ” साथ ही यह भी जोड़ा गया कि लचीली भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत खुदरा क्षेत्र का होना बेहद जरूरी है।

Join our WhatsApp Channel

And stay informed with the latest news and updates.

Join Now
revoi whats app qr code