संसद में राष्ट्रपति मुर्मु का अभिभाषण : ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में विश्व ने देखा भारतीय सेना का शौर्य व पराक्रम
नई दिल्ली, 28 दिसम्बर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को संसद में अपने अभिभाषण के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब देश से आतंकवाद पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। देश ने अपने संसाधनों के दम पर आतंकियों के ठिकानों को नष्ट कर दिया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में विश्व ने भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा है। वर्ष 2025 में भारत का डिफेंस प्रोडक्शन डेढ़ लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। इसके साथ ही डिफेंस एक्सपोर्ट भी 23,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद ‘मेड इन इंडिया’ डिफेंस प्लेटफॉर्म्स पर दुनिया का भरोसा मजबूत हुआ है।
‘हमारे देश ने अपने संसाधनों के बल पर आतंकवादियों के अड्डों को ध्वस्त किया’
संसद के बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में अपना अभिभाषण दे रही थीं। उन्होंने कहा, ‘श्री गुरु तेग बहादुर जी ने हमको सिखाया है कि हम न किसी को डराएं न ही किसी से डर कर जिएं। इसी निडर मन से हम देश की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। हमारे देश ने अपने संसाधनों के बल पर आतंकवादियों के अड्डों को ध्वस्त किया है।’
LIVE: President Droupadi Murmu addresses the Parliament https://t.co/Fa7y5xNsxO
— President of India (@rashtrapatibhvn) January 28, 2026
सुरक्षाबलों ने माओवादी आतंकियों पर भी निर्णायक काररवाई की
‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, ‘मेरी सरकार ने कड़ा संदेश दिया है कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा। सिंधु जल समझौते को स्थगित किया जाना भी आतंकवाद के विरुद्ध हमारी लड़ाई का हिस्सा है। देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र पर भी काम हो रहा है। मेरी सरकार की नीतियों के अनुरूप सुरक्षाबलों ने माओवादी आतंकियों पर भी निर्णायक काररवाई की है।’
आज माओवादी की चुनौती 126 से घटकर 8 जिलों तक सीमित
राष्ट्रपति ने कहा कि वर्षों तक देश के 126 जिलों में असुरक्षा, भय और अविश्वास का वातावरण था। माओवादी विचारधारा ने कई पीढ़ियों का भविष्य अंधकार में डाल दिया। इसका सबसे ज्यादा नुकसान हमारे युवाओं, गरीब व आदिवासी भाई-बहनों को हुआ। आज माओवादी की चुनौती 126 जिलों से घटकर आठ जिलों तक सीमित रह गई है। इनमें से भी केवल तीन जिले ऐसे हैं, जो माओवाद से गंभीर रूप से प्रभावित हैं।
एक साल में लगभग दो हजार माओवादियों का आत्मसमर्पण
उन्होंने बताया कि बीते एक साल में लगभग दो हजार माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इससे लाखों लोगों के जीवन में शांति लौटी है। माओवाद से प्रभावित रहे इलाकों में आए परिवर्तन को आज सारा देश देख रहा है। बीजापुर के एक गांव में 26 वर्ष बाद बस आई तो लोगों ने किसी उत्सव की तरह खुशियां मनाई। बस्तर के युवा ओलंपिक में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। हथियार छोड़ चुके व्यक्ति अब लोगों की सेवा कर रहे हैं।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘मेरी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि जो लोग हथियार छोड़कर मुख्यधारा में जुड़े हैं, उनका जीवन पटरी पर लौटे। वह दिन अब दूर नहीं जब देश से आतंकवाद पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।’
सरकार भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर व ठोस प्रयास कर रही
उन्होंने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का जिक्र करते हुए कहा, ‘गुरुदेव देव ने कहा था कि आजादी तब तक अधूरी है जब तक कि आत्मनिर्भरता का जीवन न जीया जाए। मेरी सरकार भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास कर रही है। आज मेक इन इंडिया के विजन के साथ बने उत्पाद दुनिया के अलग-अलग बाजारों तक पहुंच रहे हैं। स्वदेशी को लेकर देशवासियों में भी बहुत उत्साह है।
देश के विकास और सशक्तिकरण में नारी शक्ति सबसे आगे खड़ी
राष्ट्रपति मुर्मु ने बताया कि कुछ ही महीने पहले राष्ट्रीय डिफेंस अकादमी यानी एनडीए में महिला कैडेट्स का पहला बैच पास आउट हुआ है। राष्ट्रपति ने इसे एक बड़ा मील का पत्थर बताते हुए कहा कि देश के विकास और सशक्तिकरण में नारी शक्ति सबसे आगे खड़ी है।
