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BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पीएम जाएंगे रूस, सदस्य देशों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने की भी उम्मीद

BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पीएम जाएंगे रूस, सदस्य देशों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने की भी उम्मीद

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नई दिल्ली, 18अक्टूबर।   पीएम मोदी इस महीने की 22 तारीख से 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रूस की दो दिवसीय यात्रा पर रहेंगे।कजान में होने वाले शिखर सम्मेलन का विषय न्यायपूर्ण वैश्विक विकास और सुरक्षा के लिए बहुपक्षवाद को मजबूत करना है और यह नेताओं को प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।

सदस्य देशों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने की भी उम्मीद

यह ब्रिक्स द्वारा शुरू की गई पहलों की प्रगति का आकलन करने और भविष्य में सहयोग के लिए संभावित क्षेत्रों की पहचान करने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करेगा। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे के दौरान ब्रिक्स सदस्य देशों के अपने समकक्षों और आमंत्रित नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने की भी उम्मीद है।

क्या है ब्रिक्स और इसका इतिहास
ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका देशों का एक संगठन है। BRICS संगठन की विश्व अर्थव्यवस्था में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है क्योंकि दुनिया की आबादी में इसका योगदान लगभग 43% और दुनिया की जीडीपी का 30% हिस्सा है।

ब्रिक्स के सभी 5 देश विश्व के 20 देशों के समूह जी-20 का भी हिस्सा हैं। यह शिखर सम्मेलन प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है।

BRICS की 2006 में स्थापना हुई थी और 2009 में इसका पहला शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया। स्थापना के समय इसका नाम ब्रिक (BRIC) था और इसमें चार देश शामिल थे – ब्राजील, रूस, भारत और चीन। दक्षिण अफ्रीका 2010 में इस समूह में शामिल हुआ और उसके बाद इस समूह का नाम ब्रिक से ब्रिक्स हो गया। दक्षिण अफ्रीका ने 2011 में पहली बार इसके शिखर सम्मेलन में भाग लिया।

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