केंद्र सरकार के प्रयासों से देश का बैंकिंग सेक्टर आज बहुत मजबूत स्थिति में : पीएम मोदी

नई दिल्ली, 18 नवंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि केंद्र सरकार ने बीते 6-7 वर्षों में बैंकिंग सेक्टर में जो सुधार किए और उसका हर तरह से सपोर्ट किया, उसका नतीजा है कि आज देश का बैंकिंग सेक्टर बहुत मजबूत स्थिति में है। गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी के अशोक होटल में ‘निर्बाध ऋण प्रवाह और आर्थिक विकास के लिए तालमेल बनाना’ विषयक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने ये बाते कहीं।

पीएम मोदी ने कहा, ‘हम आईबीसी जैसे रिफॉर्म्स लाए, अनेक कानूनों में सुधार किए, ऋण वसूली न्यायाधिकरण को सशक्त किया। कोरोना काल में देश में एक समर्पित स्ट्रेस्ड एसेट मैनेजमेंट वर्टिकल का गठन भी किया गया।

उन्होंने कहा, ‘आज भारत के बैंकों की ताकत इतनी बढ़ चुकी है कि वो देश की इकोनॉमी को नई ऊर्जा देने में, तेजी से आगे आने में और भारत को आत्मनिर्भर बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। मैं इस चरण को भारत के बैंकिंग सेक्टर का एक बड़ा माइलस्टोन मानता हूं।’

बैंकों को अब पार्टनरशिप का मॉडल अपनाना होगा

पीएम मोदी ने कहा कि आप स्वीकृति देने वाले हैं और सामने वाला आवेदक। आप दाता हैं और सामने वाला याचक। इस भावना को छोड़कर अब बैंकों को पार्टनरशिप का मॉडल अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि आप सभी पीएलआई स्कीम के बारे में जानते हैं। इसमें सरकार भी कुछ ऐसा ही कर रही है। जो भारत के मैन्यूफैक्चर्स हैं, वो अपनी कपैसिटी कई गुना बढ़ाएं, खुद को ग्लोबल कम्पनी में बदलें, इसके लिए सरकार उन्हें प्रोडक्शन पर इंसेटिव दे रही है।

देश में लागू योजनाओं का बैंकिंग सेक्टर को फायदा उठाना चाहिए

उन्होंने कहा कि बीते कुछ समय में देश में जो बड़े-बड़े परिवर्तन हुए हैं, जो योजनाएं लागू हुई हैं, उनसे जो देश में डेटा का बड़ा पूल क्रिएट हुआ है, उनका लाभ बैंकिंग सेक्टर को जरूर उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज कॉरपोरेट्स और स्टार्ट-अप जिस स्केल पर आगे आ रहे हैं, वह अभूतपूर्व है। ऐसे में भारत की आकांक्षाओं को मजबूत करने का, फंड करने का, उनमें इन्वेस्ट करने का इससे बेहतरीन समय क्या हो सकता है।

इस संगोष्ठी में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास  के अलावा भारतीय उद्योग जगत और बैंकिंग सेक्टर की दिग्गज हस्तियां मौजूद थीं।

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