पीएम मोदी बोले- रणनीतिक सहयोग से नई ऊंचाइयों पर पहुंचे भारत-फ्रांस संबंध
मुंबई, 17 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यहां कर्नाटक के वेमगल में टाटा एयरबस के एच-125 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन का वर्चुअली उद्घाटन किया। इसके बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में 20 से अधिक समझौतों की घोषणा
राष्ट्रपति मैक्रों व पीएम मोदी की मौजूदगी में भारत-फ्रांस समिट के दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में 20 से अधिक समझौतों की घोषणा की गई। इनमें डिफेंस, स्किलिंग, टेक्नोलॉजी और हेल्थ जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। इन समझौतों से दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती मिलेगी।
रणनीतिक साझेदारी को नई गहराई
प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और फ्रांस के संबंध अत्यंत विशेष हैं और फ्रांस भारत के सबसे पुराने रणनीतिक साझेदारों में से एक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मैक्रों के साथ मिलकर इस साझेदारी को अभूतपूर्व गहराई और ऊर्जा दी गई है। आपसी विश्वास और साझा विजन के आधार पर दोनों देश अपने संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जा रहे हैं।
वैश्विक स्थिरता के लिए सहयोग
पीएम मोदी ने कहा कि भारत-फ्रांस संबंध केवल रणनीतिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक स्थिरता और प्रगति के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में यह साझेदारी विश्व के लिए सकारात्मक शक्ति के रूप में उभर रही है।
भारत में निर्माण, दुनिया को निर्यात
उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर ऐसा हेलीकॉप्टर बनाएंगे, जो माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम होगा। इसका निर्माण भारत में किया जाएगा और इसे वैश्विक बाजार में निर्यात किया जाएगा।
भारत-यूरोप संबंधों में नया अध्याय
पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2026 भारत और यूरोप के संबंधों में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि हाल ही में यूरोपियन यूनियन के साथ भारत का सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुआ है, जिससे भारत-फ्रांस संबंधों को भी नई गति मिलेगी।
भविष्य की तकनीक पर संयुक्त पहल
उन्होंने बताया कि दोनों देश हेल्थ में एआई के लिए इंडो-फ्रेंच सेंटर, डिजिटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के लिए इंडो-फ्रेंच सेंटर और एयरोनॉटिक्स स्किलिंग के लिए नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि ये पहल भविष्य-निर्माण के महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म साबित होंगी।
मैक्रों ने गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया
वहीं फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा, ‘भारत की अपनी चौथी आधिकारिक यात्रा पर मुझे मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूं। भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय संबंध वास्तव में असाधारण और विशिष्ट हैं। यह संबंध विश्वास, खुलेपन और महत्वाकांक्षा पर आधारित है। आज हमने इस साझेदारी को एक नया दर्जा देते हुए इसे स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया है। इसमें कोई संदेह नहीं है क्योंकि हमें इस रिश्ते पर पूरा भरोसा है और पिछले आठ वर्षों से हम इसी भावना के साथ आगे बढ़ रहे हैं।’
मैक्रों ने बताए भारत-फ्रांस संबंधों तीन बड़े आधार
उन्होंने कहा, ‘हर वर्ष अलग-अलग क्षेत्रों में मिलकर काम करते हुए हमने कई नए रास्ते तैयार किए हैं। चाहे वह इंडो-पैसिफिक रीजन हो या टेक्नोलॉजी, जहां किसी का वर्चस्व नहीं होना चाहिए। हम कानून के शासन में दृढ़ विश्वास रखते हैं और बीते वर्षों में इसे व्यवहार में भी साबित किया है। चाहे वह आईएमईसी हो, जिसे हमने मिलकर शुरू किया, या फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेशनल सोलर अलायंस जैसे विषय हों. पिछले आठ वर्षों में हमने साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण पहल की हैं।’
