पीएम मोदी ने केंद्रीय बजट की सराहना की, बोले- एमएसएमई, स्किलिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और शिक्षा पर जोर
नई दिल्ली, 12 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना करते हुए इसे भारत के ‘आर्थिक परिवर्तन’ का ब्लूप्रिंट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट सुधारों, छोटे उद्योगों, कौशल विकास, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान देता है और देश को नई विकास दिशा प्रदान करेगा।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘लोकसभा में अपने भाषण में वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी ने इस बात का विस्तृत विवरण दिया कि इस वर्ष का बजट हमारे राष्ट्र के आर्थिक परिवर्तन में कैसे योगदान देगा। उन्होंने रिफॉर्म एक्सप्रेस, लघु एवं मध्यम उद्यमों को समर्थन, कौशल विकास, अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों और अन्य बातों पर जोर दिया।’
In her speech in the Lok Sabha, Finance Minister Smt. Nirmala Sitharaman Ji gave a comprehensive picture of how this year’s Budget will contribute to our nation’s economic transformation. She emphasised on Reform Express, the support to MSMEs, skilling, push to next-gen…
— Narendra Modi (@narendramodi) February 12, 2026
उल्लेखनीय है कि गत एक फरवरी को संसद में पेश किए गए इस बजट में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) पर विशेष फोकस रखा गया है, जो देश की जीडीपी में लगभग 30 प्रतिशत योगदान देता है और 11 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है।
वित्त मंत्री ने एमएसएमई के लिए कर्ज की उपलब्धता बढ़ाने, नियमों को सरल बनाने और लक्षित प्रोत्साहन देने की घोषणा की है, ताकि छोटे उद्योग वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं से जुड़ सकें और विस्तार कर सकें। उन्होंने कहा कि एमएसएमई भारत की विकास यात्रा की रीढ़ हैं और यह बजट उन्हें नवाचार और रोजगार सृजन के लिए आवश्यक सहयोग देगा।
कौशल विकास और रोजगार सृजन भी बजट की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं। सरकार ने ग्रीन एनर्जी, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल तकनीक जैसे उभरते क्षेत्रों के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित करने की नई पहल का प्रस्ताव रखा है। उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच साझेदारी को भी बढ़ावा देने की योजना है, ताकि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी सरकार ने अगली पीढ़ी की परियोजनाओं पर जोर दिया है। डिजिटल कनेक्टिविटी, नवीकरणीय ऊर्जा कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और शहरी विकास में निवेश बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, स्वास्थ्य और शिक्षा को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है। इन क्षेत्रों में बजट बढ़ाने और सुधारों के जरिए दूरदराज व पिछड़े इलाकों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अनिश्चितताओं और बदलती सप्लाई चेन के बीच भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। सरकार ने विकासोन्मुख खर्च के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन पर भी जोर देने की बात दोहराई है।
