नई दिल्ली, 16 अक्टूबर। शारदीय नवरात्रि के छठे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मां कात्यायनी को नमन करते हुए देशवासियों के जीवन में शक्ति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आदि शंकराचार्य द्वारा रचित ‘भवानी अष्टकम’ भजन का यूट्यूब लिंक साझा किया। इस भजन को माधवी मधुकर झा ने अपनी आवाज दी है। भजन में मां भवानी की महिमा का वर्णन करते हुए उन्हें भक्तों का एकमात्र सहारा बताया गया है।
PM मोदी ने मां कात्यायनी से की सुख-समृद्धि की कामना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, “नवरात्रि की पवित्र षष्ठी पर मां कात्यायनी के श्रीचरणों में कोटि-कोटि नमन! मेरी कामना है कि उनकी अनुकंपा से हर किसी के जीवन में असीम शक्ति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो।” प्रधानमंत्री ने इस संदेश के साथ ‘भवानी अष्टकम’ भजन का लिंक भी साझा किया। आदि शंकराचार्य द्वारा रचित इस स्तुति में मां भवानी के प्रति भक्त की श्रद्धा और समर्पण व्यक्त किया गया है। इसमें देवी से प्रार्थना की गई है कि वे ही भक्त की गति और अंतिम सहारा हैं।
संस्कृत श्लोक के जरिए की देवी की स्तुति
इससे पहले प्रधानमंत्री ने देवी की महिमा का वर्णन करने वाला एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया था।
श्लोक है:
“तव च का किल न स्तुतिरम्बिके! सकलशब्दमयी किल ते तनुः। निखिलमूर्तिषु मे भवदन्वयो मनसिजासु बहिःप्रसरासु च॥”
इसका भावार्थ है कि हे मां अंबिका! संसार में ऐसा कौन-सा शब्द है, जो आपकी स्तुति नहीं करता, क्योंकि आपका स्वरूप समस्त शब्दों में व्याप्त है। मन में उठने वाले विचारों से लेकर बाहर दिखाई देने वाली विभिन्न आकृतियों और मूर्तियों तक, हर जगह देवी के स्वरूप का अनुभव किया जा सकता है। यह श्लोक देवी की सर्वव्यापकता और उनके प्रति भक्त की अटूट श्रद्धा को दर्शाता है।
नवरात्रि के छठे दिन होती है मां कात्यायनी की पूजा
शारदीय नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी शक्ति, साहस और धर्म की रक्षा का प्रतीक हैं। मां कात्यायनी की चार भुजाएं हैं। उनके एक हाथ में तलवार और दूसरे हाथ में कमल पुष्प सुशोभित है, जबकि अन्य दो हाथ वरद मुद्रा और अभय मुद्रा में हैं। उनका वाहन सिंह है। भक्त नवरात्रि के इस दिन मां की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि और साहस का आशीर्वाद मांगते हैं। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा का विशेष महत्व है। छठे दिन मां कात्यायनी की आराधना के साथ भक्त शक्ति और सकारात्मकता का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं।


