साणंद, 31 मार्च। गृहराज्य गुजरात के एक दिवसीय दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को साणंद में केन्स सेमीकॉन की आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (OST) सुविधा का उद्घाटन किया। इस प्लांट में अब कमर्शियल ऑपरेशन भी शुरू हो गए हैं।
3,300 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित की गई है साणंद यूनिट
पीएम मोदी ने प्लांट का निरीक्षण किया और वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर और चल रहे ऑपरेशंस का जायजा लिया। साणंद यूनिट लगभग 3,300 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित की गई है। यह प्लांट सेमीकंडक्टर असेंबली, पैकेजिंग और टेस्टिंग का काम करेगा, जो चिप मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू चेन का अहम हिस्सा है।
It is indeed a proud moment for India’s Semiconductor ecosystem that the Kaynes Semicon OSAT facility has been inaugurated in Sanand, Gujarat. This will boost India’s efforts of emerging as a leader in futuristic technologies and innovation. pic.twitter.com/Soz8BXPWaa
— Narendra Modi (@narendramodi) March 31, 2026
यह सुविधा केंद्र सरकार के ‘भारत सेमीकंडक्टर मिशन’ के तहत देश में सेमीकंडक्टर निर्माण की घरेलू क्षमताएं बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है। प्लांट में कमर्शियल प्रोडक्शन की शुरुआत इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल के निर्माण से हुई है। इन मॉड्यूल्स का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों, इंडस्ट्रियल सिस्टम और ऊर्जा-कुशल उपकरणों जैसे एप्लीकेशंस में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
प्रोडक्शन क्षमता लगभग 6.3 मिलियन यूनिट्स प्रतिदिन होने की उम्मीद
प्रत्येक मॉड्यूल में कई चिप्स को एक ही पैकेज में इंटीग्रेट किया जाता है, जिससे परफॉर्मेंस और एफिशिएंसी बेहतर होती है। जब यह सुविधा पूरी क्षमता पर काम करेगी, तो इसकी प्रोडक्शन क्षमता लगभग 6.3 मिलियन यूनिट्स प्रतिदिन होने की उम्मीद है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों की जरूरतों को भी पूरा करने में मदद करेगा यह प्लांट
इस प्लांट का उत्पादन न केवल देश की घरेलू मांग को पूरा करेगा बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों की जरूरतों को भी पूरा करने में मदद करेगा। इसका मतलब है कि दुनियाभर की सेमीकंडक्टर कम्पनियों को भी इस प्लांट से सप्लाई की जाएगी।
पीएम मोदी ने कहा कि इस तरह की परियोजनाएं भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देंगी। पीएम मोदी को केन्स सेमीकॉन की यूनिट में इस्तेमाल हो रही एडवांस्ड पैकेजिंग टेक्नोलॉजी के बारे में जानकारी दी गई। इसमें कठिन सेमीकंडक्टर मॉड्यूल को संभालने की विशेष क्षमताएं शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने सुविधा केंद्र में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत की और क्लीनरूम और प्रोडक्शन लाइनों का भी निरीक्षण किया। सरकार ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से रोजगार के अवसर बढ़ने और हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में कुशल कर्मचारियों के विकास में मदद मिलने की उम्मीद है।
साणंद स्थित यह सुविधा केंद्र उन सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स में से एक है, जिनका मकसद आयात पर निर्भरता कम करना और भारत के भीतर ही वैल्यू एडिशन बढ़ाना है। इसी दिशा में इसी वर्ष फरवरी में माइक्रोन टेक्नोलॉजी की यूनिट का उद्घाटन भी किया गया था।
