पाकिस्तान : कराची में US दूतावास में घुसे पाकिस्तानी प्रदर्शनकारी, अमेरिकी सैनिकों की गोलीबारी में 12 मरे

कराची, 1 मार्च। इजराइल व अमेरिका के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद विरोध की चिनगारी पाकिस्तान तक पहुंच चुकी है। इस क्रम में बंदरगाह शहर कराची में रविवार को उग्र प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने अमेरिकी दूतावास परिसर के बाहर हिंसक प्रदर्शन करते हुए आगजनी और तोड़फोड़ की। स्थिति बिगड़ते देख US कॉन्सुलेट में तैनात अमेरिकी मिलिट्री के जवानों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए फायरिंग की, जिसमें 12 लोगों के मारे जाने की खबर है।

घटना की शुरुआत उस समय हुई, जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी कराची के एम.टी. खान रोड पर स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारी ईरान में अयातुल्ला खामेनेई और उनके परिवार को निशाना बनाए जाने के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रहे थे।

हालात तब बेकाबू हो गए, जब प्रदर्शनकारियों ने दूतावास परिसर में घुसने की कोशिश की और सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और वहां तैनात अमेरिकी सुरक्षा बलों ने पहले भारी आंसू गैस के गोले छोड़े और फिर सीधी फायरिंग शुरू कर दी।

 

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बचाव अधिकारियों और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस हिंसा में अब तक 12 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और भारी सुरक्षा बल तैनात है।

घायलों का अस्पताल में हो रहा इलाज

पाकिस्तानी अखबार, ‘डॉन’ से बातचीत में पुलिस सर्जन डॉ. सुमैया सैयद ने बताया कि छह शव सिविल अस्पताल कराची (सीएचके) लाए गए हैं। डॉ. सैयद ने कहा कि दो घायल पुलिसकर्मियों और इतने ही घायल प्रदर्शनकारियों को इलाज के लिए जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सेंटर (JPMC) भेजा गया है। सर्जन के अनुसार, दो पुलिसकर्मी तेज और कुंद हथियारों से घायल हुए जबकि गोली लगने से घायल अवस्था में दो प्रदर्शनकारी जेपीएमसी लाए गए।

सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लांजर ने दी चेतावनी

सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लांजर ने कराची के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (AIG) आजाद खान से तत्काल स्थिति की जानकारी मांगी। उनके कार्यालय के बयान में यह जानकारी दी गई। लांजर के हवाले से कहा गया कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और प्रभावी बनाने का आदेश दिया। लांजर ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘कानून-व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ कानून के अनुसार काररवाई की जाएगी।

इससे पहले पूर्वाह्न लगभग 11 बजे जारी अपडेट में कराची ट्रैफिक पुलिस ने बताया था कि सुल्तानाबाद ट्रैफिक सेक्शन से माई कोलाची तक सड़क के दोनों ओर प्रदर्शन के कारण यातायात बंद कर दिया गया है और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई है।

मुस्लिम देशों में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जबर्दस्त आक्रोश

फिलहाल यह घटना दिखाती है कि ईरान पर हुए हमलों के बाद मुस्लिम देशों में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ कितना जबर्दस्त आक्रोश है। कराची की यह हिंसा क्षेत्र में बढ़ते तनाव का ताजा उदाहरण है, जहां अब सीधे तौर पर अमेरिकी दूतावासों को निशाना बनाया जा रहा है। प्रदर्शनकारी लगातार अमेरिका विरोधी नारेबाजी कर रहे हैं और इस्लामिक नेताओं की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

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