महाराष्ट्र में विपक्ष का दावा- ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना’ से 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित
मुंबई, 5 अप्रैल। शिवसेना (UBT) की नेता सुषमा अंधारे ने दावा किया है कि महाराष्ट्र सरकार की प्रमुख योजना ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना’ से 71 लाख महिलाओं को अयोग्य घोषित कर दिया गया है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को मासिक सहायता के रूप में 1,500 रुपये मिलते हैं।
सुषमा अंधारे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे को सबसे पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि 71 लाख महिलाओं को अयोग्य क्यों घोषित किया गया।
शिवसेना (UBT) ने पूछा – इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा
अंधारे ने दावा किया कि 2024 के अंत में विधानसभा चुनावों से पहले जब यह योजना शुरू हुई थी, तब से इन 71 लाख महिलाओं को कुल मिलाकर 255.60 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य के खजाने को हुए इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा।
शिवसेना (UBT) नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अदिति तटकरे को इस मामले पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाते हुए पूछा कि उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला क्यों नहीं दर्ज किया जाना चाहिए, और कहा कि मतदाताओं को लुभाने तथा चुनाव जीतने के लिए जनता के पैसे का इस्तेमाल किया गया।
सरकार का बयान – निर्धारित समय में e-KYC प्रक्रिया पूरी नहीं होने से बंद किए गए 68 लाख खाते
इसके पहले राज्य सरकार के अधिकारियों ने बुधवार को बताया था कि ‘लाडली बहना योजना’ के तहत लगभग 68 लाख खाते बंद कर दिए गए क्योंकि लाभार्थी तय समय सीमा से पहले अनिवार्य e-KYC प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए। इसके चलते सक्रिय खातों की संख्या घटकर लगभग 1.75 करोड़ रह गई है। e-KYC पूरी करने की समय सीमा, जो 31 मार्च को समाप्त हो गई थी, अब बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी गई है। अधिकारियों ने संकेत दिया कि इस विस्तार के बाद बंद खातों की संख्या में बदलाव हो सकता है।
