नागोया, 20 अक्टूबर। भारतीय पैरा ट्रैक एंड फील्ड एथलीटों ने यहां पांचवें एशियाई पैरा खेलों (Aichi-Nagoya 2026 Asian Para Games) के दूसरे दिन मंगलवार को पांच स्वर्ण सहित 14 पदक अपने नाम किए, जिसमें निषाद कुमार एक ही संस्करण में दो स्वर्ण पदक जीतने वाले देश के तीसरे खिलाड़ी बन गए।
दो दिनों में 8 स्वर्ण सहित 20 पदक जीत चुके हैं भारतीय एथलीट
मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारत ने पांच स्वर्ण, चार रजत और पांच कांस्य पदक अपने नाम किए, जिससे पैरा एथलेटिक्स में उसके पदकों की संख्या 20 (8+6+6) हो गई। पहले दिन भारतीय एथलीटों ने तीन स्वर्ण, दो रजत व एक कांस्य सहित कुल छह पदक जीते थे। भारतीय एथलेटिक्स दल अब चीन के 23 पदकों (13 स्वर्ण, पांच रजत, पांच कांस्य) के बाद दूसरे स्थान पर है।
INDIA’S MEDAL RUSH CONTINUES!
35 MEDALS AND COUNTING! 🥇🥈🥉 The Indian contingent is soaring high at the Asian Para Games 2026, turning hard work into historic triumphs and determination into dazzling success!
The champions are unstoppable, the spirit is unbreakable, and the quest for more glory is ON!
THE JOURNEY CONTINUES. THE DREAM GROWS BIGGER. INDIA RISES!
#AsianParaGames2026 #TeamIndia #Cheer4Bharat #Praise4Para— SAI Media (@Media_SAI) October 20, 2026
पदक तालिका में भारत 35 पदकों के साथ छठे स्थान पर
कुल मिलाकर देखें तो भारतीय दल ने पदक स्पर्धाओं के दूसरे दिन कुल पांच स्वर्ण (सभी एथलेटिक्स में), छह रजत व 13 कांस्य सहित कुल 24 पदक जीते और अब वह 35 पदकों (9+11+15) के साथ पदक तालिका में छठे स्थान पर है।
Our Champions are making a mark by winning the medals for India (9 Gold, 11 Silver & 15 Bronze till now). Every victory is not just a proud moment for India, but a celebration of the dedication, sportsmanship, and talent our champions bring to the global stage. Stay tuned and cheer our champions on to greater glory!
#AsianParaGames2026 #TeamIndia #Cheer4Bharat #Praise4Para— SAI Media (@Media_SAI) October 20, 2026
चीन ने पूरा किया पदकों का सैकड़ा
चीनी गणराज्य पदकों का शतक पूरा करने के बाद 149 पदकों (70+44+35) के साथ अन्य देशों से काफी आगे हैं। उज्बेकिस्तान (17+21+18=56) दूसरे व मेजबान जापान (16+20+27=63) तीसरे स्थान पर है।
लंबी कूद के बाद निषाद ने ऊंची कूद में नए रिकॉर्ड के साथ बाजी मारी
फिलहाल निषाद की बात करें तो उन्होंने सोमवार को लंबी कूद टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। अब आज उन्होंने ऊंची कूद में 2.04 मीटर ऊंचाई फांद कर खेलों का नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। टी47 श्रेणी ऊपरी अंगों की अक्षमता वाले एथलीटों के लिए है। निषाद का दाहिना हाथ उस समय कट गया था जब वह महज छह साल के थे।
🥇 NISHAD SOARS TO GOLD WITH A NEW GAMES RECORD! 🇮🇳🔥
Nishad Kumar clears 2.04m in the Men’s High Jump T47 to rewrite the record books! 💥
#AsianParaGames2026 #TeamIndia #Cheer4Bharat #Praise4Para https://t.co/yE0YeP49Dx
— SAI Media (@Media_SAI) October 20, 2026
हांगझू में अंकुर व शीतल देवी जीत चुके हैं 2-2 स्वर्ण
निषाद के पहले अंकुर धामा (पुरुषों की 5000 मीटर टी11 और 1500 मीटर टी11) और भुजाहीन तीरंदाज शीतल देवी (महिलाओं की व्यक्तिगत कंपाउंड ओपन और मिश्रित टीम कंपाउंड ओपन) ने हांगझू में पिछले एशियाई पैरा खेलों में दो-दो स्वर्ण पदक जीते थे।
दीप्ति जीवनजी ने महिलाओं की 400 मीटर टी20 स्पर्धा में रिकॉर्ड तोड़ा
तेलंगाना की दीप्ति जीवनजी ने एशियाई पैरा खेलों के रिकॉर्ड के साथ महिलाओं की 400 मीटर टी20 स्पर्धा में 56.36 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। 23 वर्षीय दीप्ति दो बार पैरा विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीत चुकी है और 2024 में स्वर्ण जीता था। उन्होंने पैरालम्पिक में भी इसी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था।
जापान की नीना कान्नो ने 58.92 सेकेंड का समय निकालकर रजत और अकाने कातो ने एक मिनट 00.26 सेकेंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। टी20 श्रेणी में बौद्धिक अक्षमता वाले खिलाड़ी भाग लेते हैं जिन्हें सूचना समझने, एकाग्रता बनाने और तकनीकी रणनीति पर अमल करने में दिक्कत होती है।
देवेंद्र की अगुआई में चक्का फेंक एफ44/64 स्पर्धा के तीनों पदक भारत के नाम
पुरुषों की चक्का फेंक एफ44/64 स्पर्धा के तीनों पदक भारतीय एथलीटों ने अपने नाम किए, जिसमें देवेंद्र कुमार ने स्वर्ण पदक जीता। इस स्पर्धा में केवल चार खिलाड़ियों ने भाग लिया था। देवेंद्र ने 49.71 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि राकेश और प्रदीप कुमार ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक हासिल किए। एफ44 और एफ64 में वह खिलाड़ी आते हैं जिनके निचले हिस्से के अंगों में विकार हो।
Three medals, all for Team India! 💥
Devender Kumar takes GOLD with 49.71m in F44 category, Rakesh claims SILVER with 49.35m in F44 category, and Pradeep Kumar secures BRONZE with a PERSONAL BEST of 51.15m in F64 category of Men’s Discus Throw Final at #AsianParaGames2026! 👏
#TeamIndia #Cheer4Bharat #Praise4Para
— SAI Media (@Media_SAI) October 20, 2026
सिमरन ने नए रिकॉर्ड के साथ जीती 200 मीटर टी12 स्पर्धा
अनुभवी फर्राटा धाविका सिमरन ने नए रिकॉर्ड के साथ महिलाओं की 200 मीटर टी12 स्पर्धा में पहला स्वर्ण पदक जीता जबकि हमवतन तेजलबेन दामोर ने कांस्य पदक हासिल किया। सिमरन ने 24.80 सेकेंड का समय निकाला और ईरान की हजर सफरजादेह को पछाड़ा, जिन्होंने 25.02 सेकेंड का समय लिया। पहली बार इन खेलों में उतरी तेजलबेन ने 25.23 सेकेंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया।
अपना ही एशियाई रिकॉर्ड नहीं तोड़ सकी फर्राटा धाविका
सिमरन ने स्वर्ण जीतने के बाद कहा, ‘एशियाई रिकॉर्ड (24.46 सेकेंड) भी मेरे नाम है और मेरा लक्ष्य वहां तक पहुंचना था, लेकिन शरीर ने साथ नहीं दिया। मुझे जकड़न लग रही थी क्योंकि रिकवरी अच्छी नहीं थी। अपनी हीट रेस के बाद मैं काफी थक गई थी।’ अब वह 100 मीटर में उतरेंगी, जिसमें पिछले खेलों में रजत पदक जीता था। तेजलबेन 400 मीटर में भाग लेंगी।
प्रणव सूरमा के नाम चक्का फेंक एफ51/52/53 स्पर्धा में नया एशियाई पैरा रिकॉर्ड
प्रणव सूरमा ने एशियाई पैरा रिकॉर्ड के साथ पुरुषों की चक्का फेंक एफ51/52/53 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता जबकि राम रतन सिंह को रजत पदक मिला। 32 वर्षीय सूरमा ने हांगझू पैरा खेलों में क्लब थ्रो एफ51 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने चौथे प्रयास में 11.66 मीटर थ्रो फेंककर नए एशियाई रिकॉर्ड के साथ पहला स्थान हासिल किया। 31 वर्षीय सिंह ने दूसरे प्रयास में 10.35 मीटर का थ्रो फेंककर रजत पदक जीता। ईरान के अलीरजा हेमामी को कांस्य पदक मिला।
प्रदीप कुमार को भालाफेंक स्पर्धा की एफ53/54 श्रेणी में लगातार दूसरा रजत
प्रदीप कुमार ने पुरुषों की भालाफेंक स्पर्धा में एफ53/54 श्रेणी में लगातार दूसरा रजत पदक जीता जबकि आयुष वर्मा ने कांस्य पदक हासिल किया। प्रदीप ने एफ54 में 27.45 मीटर का सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। ईरान के इरफान बंदोरी को 30 . 24 मीटर के रिकॉर्ड के साथ फिर स्वर्ण पदक मिला।
आयुष वर्मा ने एफ53 वर्ग में कांस्य पदक जीता
आयुष ने एफ53 वर्ग में कांस्य पदक जीता। आयुष थाईलैंड के सहर दाम याएना से आगे रहे, जिन्होंने एफ54 वर्ग में 23.13 मीटर का थ्रो फेंका, लेकिन शारीरिक अक्षमता का स्तर अधिक होने से आयुष को अधिक रजा अंक मिले। रजा अंक एक ऐसी पद्धति है, जिसके जरिए जब किसी प्रतियोगिता में अलग-अलग वर्गीकरणों को एक ही स्पर्धा में शामिल किया जाता है तो विकलांगता के स्तर को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शन को अंकों में बदला जाता है।
प्रवीण कुमार ने शॉटपट एफ11 वर्ग में सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन से कांस्य जीता
प्रवीण कुमार ने पुरुषों के शॉटपट एफ11 वर्ग में सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीता। 19 वर्षीय प्रवीण ने 13.86 मीटर का थ्रो फेंककर छह खिलाड़ियों में दूसरा स्थान हासिल किया। ईरान के आमिर हुसैन अलीपोर ने एशियाई रिकॉर्ड के साथ 14.99 मीटर का थ्रो फेंककर स्वर्ण पदक जीता जबकि उनके हमवतन माहदी ओलाद को रजत पदक मिला। एफ11 वर्ग में लगभग पूर्ण दृष्टिबाधित खिलाड़ी भाग लेते हैं।


