नितिन नबीन संभालेंगे दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी की कमान, आज होगा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान
नई दिल्ली, 20 जनवरी। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। बिहार की बांकीपुर सीट से विधायक और वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन आज आधिकारिक रूप से भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे। 45 वर्षीय नबीन न केवल इस पद पर पहुंचने वाले सबसे युवा नेता हैं, बल्कि वे एक ऐसी राजनीतिक मशीनरी की कमान संभालने जा रहे हैं, जो आर्थिक और संगठनात्मक रूप से देश की किसी भी अन्य पार्टी से कोसों आगे है।
सबसे युवा अध्यक्ष : अमित शाह का रिकॉर्ड तोड़ा सोमवार को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में नामांकन की प्रक्रिया पूरी हुई। राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने बताया कि नबीन के समर्थन में कुल 37 सेट नामांकन पत्र दाखिल किए गए, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित संसदीय बोर्ड के सदस्यों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के हस्ताक्षर थे। 45 साल की उम्र में अध्यक्ष बनकर नबीन ने अमित शाह (49 वर्ष) का सबसे युवा अध्यक्ष होने का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है।
‘जीरो सैलरी’ पर संभालेंगे 10 हजार करोड़ का साम्राज्य
नितिन नबीन को इस भारी-भरकम जिम्मेदारी के बदले कोई वेतन (सैलरी) नहीं मिलेगी, लेकिन वे जिस संगठन का नेतृत्व करेंगे, उसकी वित्तीय ताकत चौंकाने वाली है:
अकूत संपत्ति: कांग्रेस नेता अजय माकन के दावों के अनुसार, भाजपा के पास करीब 10,107 करोड़ रुपये का फंड है, जो मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस से 75 गुना ज्यादा है।
772 जिलों में ऑफिस : 2014 के बाद अमित शाह के कार्यकाल में शुरू हुआ ‘हर जिले में कार्यालय’ का सपना अब हकीकत है। आज देश के 772 जिलों में भाजपा के अपने मालिकाना हक वाले दफ्तर या जमीनें हैं।
आत्मनिर्भर मॉडल : पार्टी ने दैनिक खर्चों के लिए एक मजबूत एफडी (Fixed Deposit) सिस्टम तैयार किया है, ताकि संगठन के संचालन में कभी आर्थिक बाधा न आए।
विरासत और संघर्ष की कहानी
नितिन नबीन की इस उपलब्धि पर उनकी पत्नी दीपमाला श्रीवास्तव ने भावुक होते हुए कहा, “हीरे की परख जौहरी को ही होती है। नितिन ने पार्टी के लिए दिन-रात मेहनत की है और केंद्रीय नेतृत्व ने उनकी उसी मेहनत को पहचाना है।” नितिन नबीन ऐसे समय में कमान संभाल रहे हैं जब भाजपा के पास 18 करोड़ से अधिक पंजीकृत सदस्य हैं। देश के 20 राज्यों में एनडीए की सरकारें हैं। आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों का भारी दबाव है।
चुनावी प्रक्रिया की खास बातें
निर्विरोध चुनाव : अध्यक्ष पद के लिए केवल नितिन नबीन का ही नाम प्रस्तावित हुआ।
राज्यों की सहमति : चुनाव प्रक्रिया शुरू करने के लिए 50% राज्यों में संगठन चुनाव जरूरी थे, भाजपा ने 36 में से 30 राज्यों में यह प्रक्रिया पूरी कर ली थी।
प्रस्तावक : गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जेपी नड्डा जैसे दिग्गजों ने खुद नबीन के नाम का प्रस्ताव रखा।
नितिन नबीन का उदय भाजपा में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत है। एक तरफ जहां उनके सामने संगठन की इस विशाल आर्थिक और ढांचागत विरासत को सहेजने की चुनौती होगी, वहीं दूसरी तरफ जमीनी कैडर को और मजबूत कर पार्टी को अगले बड़े चुनावों में जीत दिलाने की बड़ी जिम्मेदारी भी होगी।
