विदेश मंत्रालय का चीन पर पलटवार : भारतीय क्षेत्र के नाम बदलने का कदम एक शरारती प्रयास
नई दिल्ली, 12 अप्रैल। भारत ने रविवार को चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र के स्थानों को मनगढ़ंत नाम देने के प्रयासों को कड़े शब्दों में खारिज कर दिया और जोर देकर कहा कि ऐसे कदमों से अरुणाचल प्रदेश पर संप्रभुता से जुड़ी जमीनी हकीकत नहीं बदली जा सकती।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने रविवार को मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि भारत, चीन की तरफ से उन जगहों के नाम बदलने की ‘शरारती कोशिशों’ को पूरी तरह से खारिज करता है, जो भारत का हिस्सा हैं।
Our response to media queries regarding China giving fictitious names to places ⬇️
🔗 https://t.co/j6WPzitrh2 pic.twitter.com/NDK1ZACyUZ
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) April 12, 2026
रणधीर जायसवाल ने जोर देकर कहा कि ऐसी हरकतें झूठे दावों और मनगढ़ंत कहानियों पर आधारित हैं, जिनकी कोई वैधता नहीं है। उन्होंने दोहराया कि संबंधित इलाके, जिनमें अरुणाचल प्रदेश भी शामिल है, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा थे, हैं और हमेशा रहेंगे। उन्होंने कहा कि नए नाम रखने की कोशिशों से भारत की क्षेत्रीय अखंडता में कोई बदलाव नहीं आता है, और इन्हें बेबुनियाद दावों को मजबूत करने की एक कोशिश के तौर पर देखा जाता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी चेतावनी दी कि इस तरह के कदम भारत और चीन के बीच संबंधों को स्थिर और सामान्य बनाने के चल रहे प्रयासों को कमजोर करते हैं। उन्होंने चीन से आग्रह किया कि वह ऐसे कदमों से बचे, जो द्विपक्षीय संबंधों में नकारात्मकता लाते हैं और आपसी समझ को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की गई पहलों में बाधा डालते हैं। हाल के वर्षों में, सीमा-संबंधी विवादों और क्षेत्रीय दावों में टकराव के कारण भारत और चीन के बीच संबंध संवेदनशील बने रहे हैं
