CEC ज्ञानेश कुमार से मुलाकात के बाद भड़कीं ममता बनर्जी, कहा- ‘…तो आपका हाल भी धनखड़ जैसा होगा’
नई दिल्ली, 2 फरवरी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की। बैठक से बाहर निकलने के बाद वह सीईसी पर भड़क गईं और कहा, ‘मैंने कभी ऐसा घमंडी और झूठा मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं देखा।’ उनका दावा था कि आयोग नामों की स्पेलिंग में छोटी गलतियों पर लोगों के दावों को खारिज कर रहा है।
वहीं, ममता बनर्जी के बयान के बाद दिल्ली में मचे राजनीतिक घमासान के बीच चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि शुरुआत में बैठक सकारात्मक और सही चल रही थी, फिर अचानक ममता बनर्जी ने टेबल पर हाथ मारा और बैठक से बाहर आ गईं।
टीएमसी प्रतिनिधिमंडल में SIR से प्रभावित 12 परिवारों के सदस्य भी शामिल थे
टीएमसी मीडिया स्टेटमेंट के अनुसार, 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग मुख्यालय में गया, जिसमें ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी और SIR से प्रभावित 12 परिवारों के सदस्य शामिल थे। इन लोगों में पांच ऐसे मतदाता हैं, जिन्हें मृत घोषित कर उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। इन लोगों में पांच ऐसे परिवार के सदस्य हैं, जिनकी SIR नोटिस मिलने के बाद मौत हो गई थी। इसके अलावा तीन ऐसे परिवारों के सदस्य भी मौजूद हैं, जिनके घर के बीएलओ (BLO) की कथित तौर पर काम के दबाव के कारण जान चली गई।
‘बंगाल को क्यों निशाना बनाया जा रहा’
सीईसी से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत दुखी हूं। मैं दिल्ली की राजनीति में बहुत लंबे समय से सक्रिय हूं। मैं चार बार मंत्री और सात बार सांसद रह चुकी हूं। मैंने आज तक ऐसा अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त नहीं देखा। मैंने उनसे कहा कि मैं आपकी कुर्सी का सम्मान करती हूं, क्योंकि कोई भी कुर्सी किसी के लिए स्थायी नहीं होती। एक दिन आपको जाना ही होगा… बंगाल को क्यों निशाना बनाया जा रहा है? लोकतंत्र में चुनाव एक त्योहार की तरह होते हैं, लेकिन आपने 98 लाख लोगों के नाम हटा दिए और उन्हें अपना बचाव करने का मौका नहीं दिया..।’
‘सरनेम में अंतर आम है’
सूत्रों का ये भी कहना है कि बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने SIR प्रक्रिया को पक्षपातपूर्ण बताते हुए कई उदाहरण दिए। उन्होंने दावा किया कि नामों की स्पेलिंग में छोटी गलतियां (जैसे बनर्जी-बंद्योपाध्याय, मुखर्जी-मुखोपाध्याय) के कारण दावे कैंसिल किए जा रहे हैं। बंगाल में सरनेम में अंतर आम है, जैसे चटर्जी को चट्टोपाध्याय लिखा जाता है, लेकिन इसे एनोमली मानकर नाम काटे जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि BLO पर दबाव डाला जा रहा है। साथ ही दलित और माइनॉरिटी वर्ग को टारगेट किया जा रहा है। 58 लाख लोगों के नाम पहले ही बिना पूछे हटा दिए गए। उन्होंने बंगाल में एसआईआर के अलग नियमों की बात बोलते हुए कहा कि अन्य राज्यों में अलग नियम, लेकिन बंगाल, केरल और तमिलनाडु को निशाना बनाया जा रहा है। असम (बीजेपी शासित) में SIR नहीं किया। चुनाव से पहले इतनी जल्दी क्यों? चुनाव वाले राज्यों को छोड़ देना चाहिए था।
‘धनखड़ जैसा होगा हाल’
उन्होंने कहा, ‘हमने CEC को बोल दिया है, आपका हाल धनखड़ जैसा होगा। आप बीजेपी के कहने पर काम कर रहे हैं। मैंने इस तरह का चीफ इलेक्शन कमिश्नर कभी नहीं देखा। इसके बाद मैंने बैठक का बॉयकॉट किया और बाहर निकल गई।’
ममता ने कहा, ‘हम लोग यहां इंसाफ के लिए आए थे, लेकिन हमारे साथ नाइंसाफी हुई है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि CEC ने कहा कि SIR इसलिए किया कि TMC ने डुप्लिकेट वोटर का मुद्दा उठाया था, लेकिन यह SC के फैसले का उल्लंघन है।
इसी दौरान ममता ने संसद में दिए राहुल गांधी के बयान का समर्थन किया और कहा कि पार्लियामेंट के अंदर एक मुद्दे पर हंगामा हुआ है। यदि BJP रहेगी तभी आपकी कुर्सी रहेगी। आज आप अपनी कुर्सी बचा सकते हैं, कल नहीं।
ममता को Z+ सुरक्षा
दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने ममता बनर्जी को Z+ सुरक्षा दे दी है। दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर देवेशचंद्र श्रीवास्तव ने बयान दिया कि ममता बनर्जी को Z+ सुरक्षा मिली है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने उनके आने की जानकारी दी थी, इसलिए बंग भवन में सुरक्षा लगाई गई। कोई पुलिसकर्मी बंग भवन में नहीं घुसा। करीब 200-250 कार्यकर्ता अलग-अलग होटलों में ठहरे हैं। दिल्ली पुलिस सभी की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और हमेशा राज्य पुलिस के संपर्क में रहती है।
‘अचानक बैठक से उठकर चली गईं ममता’
वहीं, निर्वाचन आयोग में उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि बैठक सकारात्मक और सही चल रही थी। शुरुआत से आयोग सभी को बात ध्यान से सुन रहा था। अचानक ममता बनर्जी ने टेबल पर हाथ मारा और उठ कर चल दीं। इसके बाद सभी उनके पीछे चल दिए। कोई बहस या कहासुनी जैसी स्थिति बनी ही नहीं।
