महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शिंदे ने जरांगे से फोन पर की बात, ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया

मुंबई, 31 अक्टूबर। महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में मराठा आरक्षण के मुद्दे को लेकर हिंसा की घटनाओं के बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे से फोन पर बात की और आज होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान मराठा समुदाय को कुनबी जाति का प्रमाणपत्र देने पर ठोस फैसला लेने का आश्वासन दिया।

जरांगे मराठा समुदाय को आरक्षण देने की मांग को लेकर 25 अक्टूबर से जालना जिले के अपने पैतृक अंतरवली सराती गांव में अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री शिंदे के साथ ‘संतोषजनक’ बातचीत के बाद जरांगे ने अपने प्रदर्शन के दौरान पानी पीना शुरू कर दिया है।

मराठा समुदाय के सदस्य अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत सरकारी नौकरियों एवं शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन कर रहे हैं। कुछ स्थानों पर आंदोलनकारियों ने कुछ नेताओं के आवास में तोड़फोड़ तथा आगजनी की। हिंसा की घटनाओं के बाद महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में कर्फ्यू भी लगाया गया है।

सीएमओ के बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री शिंदे ने मंगलवार को सुबह जरांगे को फोन किया और उनका हाल-चाल पूछा। इसमें कहा गया है कि शिंदे ने जरांगे को आश्वस्त किया कि वह आज होने वाली कैबिनेट बैठक में मराठा समुदाय को कुनबी जाति का प्रमाणपत्र दिए जाने के संबंध में ठोस निर्णय लेंगे। शिंदे ने जरांगे को यह भी बताया कि राज्य सरकार मराठा आरक्षण मुद्दे को लेकर उच्चतम न्यायालय में सुधारात्मक याचिका दायर करने के लिए तैयार है।

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