आइए, विभाजन एवं नफरत की ताकतों का विरोध करें: महात्मा गांधी की पोती इला

जोहानिसबर्ग, 8 अप्रैल। दक्षिण अफ्रीकी शांति कार्यकर्ता और महात्मा गांधी जी की पोती इला गांधी ने कहा कि नफरत, दुश्मनी एवं हिंसा किसी भी धार्मिक शिक्षा का हिस्सा नहीं हैं और जो लोग धर्म के नाम पर इन्हें बढ़ावा देते हैं, वे छलयुक्त कारणों से अपने धर्मों की गलत व्याख्या कर रहे हैं तथा ऐसे लोगों से दूर रहना चाहिए। सोशल मीडिया पर हाल में साझा की गई कुछ पोस्ट में दावा किया गया था कि ‘गांधी डेवलपमेंट और फीनिक्स सेटलमेंट ट्रस्ट’ ने ‘फीनिक्स सेटलमेंट’ में आयोजित एक अंतरधार्मिक सभा में हिंदू पूजा को जानबूझकर छोड़ दिया था।

‘फीनिक्स सेटलमेंट’ की स्थापना महात्मा गांधी ने की थी। इला ने इन्हीं सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में यह बात कही। इला ने कहा, ‘‘सभी धर्म और धर्मग्रंथ हमें अच्छे, दयालु और स्नेही इंसान बनने के लिए कहते हैं। घृणा, शत्रुता और हिंसा हमारी धार्मिक शिक्षाओं का हिस्सा नहीं हैं। जो लोग धर्म के नाम पर ऐसे कृत्यों को बढ़ावा देते हैं वे छलयुक्त कारणों से अपने धर्मों की गलत व्याख्या कर रहे हैं और उनसे बचना चाहिए।’’

‘गांधी डेवलपमेंट और फीनिक्स सेटलमेंट ट्रस्ट’ की अध्यक्ष इला ने कहा कि इस तरह के कदम ‘‘हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने और गांधी जी एवं मुझे हिंदू समुदाय से अलग करने का प्रयास हैं।’’ इला ने साप्ताहिक पोस्ट में एक खुले पत्र में कहा, ‘‘तथ्यों को सार्वजनिक रूप से बताना महत्वपूर्ण है ताकि जो छलयुक्त कोशिश की जा रही है उसे अभी रोका जा सके।’’

इला ने चार हिंदू संगठनों को भेजे गए निमंत्रण का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मैंने स्वयं कई हिंदुओं को व्यक्तिगत रूप से और कई हिंदू धार्मिक नेताओं को सामूहिक रूप से इस समारोह में हिंदू पूजा करने के लिए आमंत्रित किया था।’’ इला ने कहा कि ये संगठन अन्य प्रतिबद्धताओं के कारण इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए।

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