1. Home
  2. हिन्दी
  3. राष्ट्रीय
  4. सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला : ईसाई या इस्लाम धर्म अपनाने के बाद नहीं मिलेगा SC का दर्जा
सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला : ईसाई या इस्लाम धर्म अपनाने के बाद नहीं मिलेगा SC का दर्जा

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला : ईसाई या इस्लाम धर्म अपनाने के बाद नहीं मिलेगा SC का दर्जा

0
Social Share

नई दिल्ली, 24 मार्च। सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला सुनाया। इसके तहत जो लोग हिन्दू धर्म, सिख धर्म या बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को मानते हैं, उन्हें अनुसूचित जाति (SC) का सदस्य नहीं माना जा सकता। शीर्अष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि धर्म बदलने के तुरंत बाद ही यह दर्जा खत्म हो जाता है।

जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्र और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के पहले के एक फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि ईसाई या इस्लाम जैसे धर्मों में बदलने के बाद SC का दर्जा मांगने पर लगी कानूनी रोक पूरी तरह से लागू होती है और इसमें कोई छूट नहीं है।

बेंच ने कहा, ‘संविधान या संसद या राज्य विधानमंडल के किसी कानून के तहत कोई भी वैधानिक लाभ, सुरक्षा, आरक्षण या अधिकार उस व्यक्ति द्वारा दावा नहीं किया जा सकता, और न ही उसे दिया जा सकता है, जिसे खंड 3 के प्रावधानों के अनुसार अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं माना जाता है।’

पीठ ने अपने फैसले में यह भी कहा, ‘कोई भी व्यक्ति एक ही समय पर खंड 3 में निर्दिष्ट धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को मानने और उसका पालन करने के साथ-साथ अनुसूचित जाति की सदस्यता का दावा नहीं कर सकता।’

हाई कोर्ट ने सुनाया था यह फैसला

यह फैसला आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के 30 अप्रैल, 2025 के एक निर्णय के बाद आया है, जिसमें यह निर्धारित किया गया था कि जाति व्यवस्था मूल रूप से ‘ईसाई धर्म के लिए बाहरी’ है। नतीजतन, कोर्ट ने पाया कि ईसाई धर्म अपनाने वाले लोग अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम का लाभ नहीं उठा सकते।

इस फैसले ने एक शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आपराधिक आरोपों को प्रभावी ढंग से रद कर दिया। यह शिकायतकर्ता ईसाई धर्म अपना चुका था, लेकिन उसने अत्याचार-विरोधी कानून के तहत सुरक्षा की मांग की थी। इस व्यक्ति की पहचान चिंथाडा आनंद नामक एक पादरी के रूप में हुई है, जिसने बाद में उच्च न्यायालय के निष्कर्षों को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।

Join our WhatsApp Channel

And stay informed with the latest news and updates.

Join Now
revoi whats app qr code