कर्नाटक सरकार का फैसला : सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ का गायन शुरुआती दो छंदों तक सीमित

बेंगलुरु, 10 सितम्बर। कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने आदेश जारी किया है कि सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के केवल पहले दो छंद ही गाए जाएं। यह आदेश राष्ट्रीय गीत को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच आया है। हालांकि, आदेश में यह भी स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या गवर्नर की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों और केंद्र सरकार के कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के सभी छह पद गाए जाएंगे।

सिर्फ केंद्र सरकार के कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के सभी छह पद गाए जाएंगे

यह आदेश केंद्र सरकार के उस निर्देश के बाद आया है, जिसमें सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह पद गाना अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य सरकार के अन्य आधिकारिक कार्यक्रमों के लिए, कर्नाटक सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे गीत के केवल शुरुआती दो पद ही गाएं।

वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस और भाजपा में टकराव

एक दिन पहले ही भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पर ‘भारत-विरोधी सोच’ रखने का आरोप लगाया। यह आरोप उनके उस फैसले को लेकर लगाया गया, जिसमें कहा गया कि पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के सिर्फ शुरुआती दो पद ही गाए जाएंगे। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रमों पर भी निशाना साधा और कहा कि उनकी ‘गूंज’ कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आगे नहीं जाएगी।

गत जनवरी में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने के बाद नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, नवीन ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर भी हमला बोला और आरोप लगाया कि पंजाब में उनकी सरकार के दौरान ‘अराजकता’ फैली है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में ड्रग्स की समस्या के ख़िलाफ़ जन-आंदोलन शुरू करेगी और आगामी विधानसभा चुनाव ड्रग्स और आप सरकार के तहत ‘भ्रष्टाचार’ जैसे मुद्दों पर लड़ेगी।

ये बयान वंदे मातरम गाने को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच आए हैं। पारंपरिक रूप से, सार्वजनिक सभाओं और आधिकारिक कार्यक्रमों में इसके केवल शुरुआती दो पद ही गाए जाते थे। हालांकि, संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान एनडीए सरकार ने एक बिल पास किया, जिसमें राष्ट्रीय गीत के पूरे छह-पद वाले वर्शन को कानूनी सुरक्षा दी गई।

15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् गाए जाने के तरीके पर सवाल उठने के बाद विवाद और बढ़ गया। 19 अगस्त को कांग्रेस कार्यसमिति ने फैसला किया कि पार्टी कार्यक्रमों में केवल शुरुआती दो पद ही गाए जाएंगे। तब से भाजपा ने कांग्रेस पर अपना हमला तेज कर दिया है और आरोप लगाया है कि पार्टी का यह फैसला अल्पसंख्यकों को खुश करने के मकसद से किया गया है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular