युद्धविराम को ईरान ने बताया ऐतिहासिक जीत, कहा – अमेरिका 10-सूत्रीय योजना स्वीकार करने के लिए हुआ बाध्य
तेहरान/वॉशिंगटन, 8 अप्रैल। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच पिछले 40 दिनों से जारी युद्ध पर दो हफ्तों के सीजफायर के बाद दोनों पक्ष अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। एक तरफ ट्रंप प्रशासन ने इस युद्धविराम को सैन्य अभियानों के बाद अपनाई गई एक बड़ी रणनीति का हिस्सा बताया है। वहीं दूसरी ओर ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) भी ऐतिहासिक जीत का दावा किया है। सिक्योरिटी काउंसिल ने दावा किया कि अमेरिका एक माह से ज्यादा समय से सीजफायर के लिए जोर दे रहा था, लेकिन ईरान ने देश के लक्ष्यों को प्राथमिकता देते हुए बार-बार उन समय-सीमाओं को ठुकरा दिया।
युद्ध के लगभग सभी ईरानी लक्ष्य हासिल कर लिए गए – एसएनएससी
प्रेस टीवी के अनुसार, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने दावा किया कि युद्ध के लगभग सभी ईरानी लक्ष्य हासिल कर लिए गए हैं। ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार एसएनएससी ने कहा, ‘ईरान ने अपराधी अमेरिका को अपनी 10-सूत्रीय योजना स्वीकार करने के लिए मजबूर करके एक ऐतिहासिक जीत हासिल की है। अमेरिका ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान के नियंत्रण, संवर्धन अधिकारों और सभी प्रतिबंधों को हटाने की बात स्वीकार कर ली है। अमेरिका ने आक्रामकता रोकने, नुकसान की भरपाई करने और इस क्षेत्र से अपनी सेना हटाने की बात स्वीकार की है।’
The Iranian Supreme National Security Council stated that the US and the Israeli regime have suffered a crushing and undeniable historic defeat in their unjust, illegal, and criminal war.
It added that Iran achieved a great victory thanks to the sacrifices and bravery of… pic.twitter.com/mxiXTAQVdM
— Al Mayadeen English (@MayadeenEnglish) April 7, 2026
ईरान ने ट्रंप द्वारा तय की गई समय-सीमाओं को बार-बार ठुकराया
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार काउंसिल ने कहा, ‘शुरू से ही यह तय था कि युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते, जिसमें दुश्मन का पछतावा और हताशा, और देश के लिए लंबे समय से चले आ रहे खतरे को हटाना शामिल है। इस तरह युद्ध आज, यानी चालीसवें दिन तक जारी रहा। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा तय की गई समय-सीमाओं को बार-बार ठुकराया है और इस बात पर जोर देता रहा है कि वह दुश्मन की किसी भी तरह की समय-सीमा को कोई महत्व नहीं देता।’
एसएनएससी ने आगे कहा, ‘अब हम ईरान के महान राष्ट्र को यह खुशखबरी देते हैं कि युद्ध के लगभग सभी लक्ष्य हासिल कर लिए गए हैं, और आपके बहादुर बच्चों ने दुश्मन को ऐतिहासिक रूप से बेबस और स्थायी रूप से हरा दिया है। ईरान का ऐतिहासिक फैसला, जिसे राष्ट्र का एकजुट समर्थन प्राप्त है, यह है कि लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक ज़रूरी हो, ताकि इसकी विशाल उपलब्धियाँ मजबूत हों, और ईरान की शक्ति, संप्रभुता और प्रतिरोध की स्वीकृति के आधार पर नए सुरक्षा और राजनीतिक समीकरण बनें।’
ट्रंप बोले – 10 सूत्रीय प्रस्ताव एक स्थायी समझौते पर बातचीत के लिए आधार का काम करेगा
यह सब तब हुआ, जब ईरान पर ‘बमबारी और हमले’ के अभियान को रोक दिया गया, दो हफ्ते के लिए दोनों तरफ से सीजफायर की घोषणा की गई और यह कहा गया कि ईरान का 10-सूत्रीय प्रस्ताव व्यावहारिक है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि 10-सूत्रीय प्रस्ताव एक स्थायी समझौते पर बातचीत के लिए आधार का काम करेगा। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका ने अपने अधिकतर सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए हैं।
ट्रंप ने कहा, ‘पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ बातचीत के आधार पर—जिसमें उन्होंने मुझसे अनुरोध किया कि मैं आज रात ईरान भेजे जा रहे विनाशकारी बल को रोक लूं और इस शर्त पर कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलने पर सहमत हो जाए, मैं दो हफ्तों की अवधि के लिए ईरान पर बमबारी और हमले को रोकने पर सहमत हूं। यह एक दो-तरफा युद्धविराम होगा!’
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ‘ऐसा करने का कारण यह है कि हमने अपने सभी सैन्य उद्देश्यों को पहले ही पूरा कर लिया है और उनसे आगे भी निकल गए हैं, और हम ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति तथा मध्य पूर्व में शांति से संबंधित एक निश्चित समझौते की दिशा में काफ़ी आगे बढ़ चुके हैं। हमें ईरान की ओर से 10-सूत्रीय प्रस्ताव मिला है, और हमारा मानना है कि यह बातचीत के लिए एक व्यावहारिक आधार है।’
