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LPG मोर्चे पर खुशखबरी : भारतीय ध्वज वाले नौवें जहाज  ‘ग्रीन आशा’ ने पार किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज

LPG मोर्चे पर खुशखबरी : भारतीय ध्वज वाले नौवें जहाज ‘ग्रीन आशा’ ने पार किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज

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नई दिल्ली, 5 अप्रैल। पश्चिम एशिया में बीते एक माह से भी ज्यादा समय से जारी संघर्ष के कारण उपजे एलपीजी व तेल संकट के बीच देश के लिए खुशखबरी है। इस क्रम में भारतीय ध्वज वाले जहाज ग्रीन आशा (Green Asha) ने ईरान के पास मौजूद संकरे समुद्री रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार कर लिया। खाड़ी क्षेत्र में तनाव शुरू होने के बाद यह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकलने वाला भारत का नौवां जहाज है।

उल्लेखनीय है कि ईरान ने अमेरिका व इजराइल से युद्ध शुरू होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है। दुनिया के एनर्जी सेक्टर के लिए यह रास्ता काफी अहम है क्योंकि विश्व में होने वाले पेट्रोलियम के कुल व्यापार में से 20 प्रतिशत हिस्सा इसी क्षेत्र से होकर जाता है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ग्रीन आशा एक एलपीजी टैंकर है और बढ़ते जोखिमों के बावजूद इसका सफलतापूर्वक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करना, इस क्षेत्र पर भारत की निरंतर निर्भरता को दर्शाता है।

दरअसल, इस तनाव ने वैश्विक ईंधन आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है, जिससे दुनिया के ऊर्जा बाजार कठिन चुनौती से गुजर रहे हैं। समुद्री आंकड़ों से पता चलता है कि इस मार्ग का उपयोग करने वाले लगभग 60 प्रतिशत मालवाहक जहाज या तो ईरान से आ रहे हैं या ईरान के लिए ही जा रहे हैं। इन चुनौतियों के बावजूद, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय जहाजों की गतिविधि अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है।

ग्रीन आशा की यात्रा से पहले, कम से कम आठ भारतीय जहाज इस मार्ग से गुजर चुके थे। इनमें एलपीजी वाहक बीडब्ल्यू टीवाईआर और बीडब्ल्यू ईएलएम शामिल थे, जिन्होंने संघर्ष क्षेत्र से लगभग 94,000 टन माल का परिवहन किया। मार्च के अंत में, पाइन गैस और जग वसंत सहित चार भारतीय ध्वज वाले एलपीजी टैंकरों ने तीन दिनों की अवधि में 92,600 टन से अधिक एलपीजी की आपूर्ति की।

इससे पहले, एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी ने मार्च के मध्य में गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों तक लगभग 92,700 टन एलपीजी पहुंचाई थी। अन्य शिपमेंट में कच्चा और ईंधन शामिल थे। तेल टैंकर जग लाडकी ने संयुक्त अरब अमीरात से मुंद्रा तक 80,000 टन से अधिक कच्चे तेल का परिवहन किया जबकि जग प्रकाश ने ओमान से अफ्रीकी बाजारों के लिए गैसोलीन ले जाते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार किया। एक अन्य एलपीजी वाहक, ग्रीन सानवी ने भी हाल ही में लगभग 46,650 मीट्रिक टन कार्गो के साथ अपनी यात्रा पूरी की।

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