गांधीनगर में निर्माणाधीन ‘बोस्की एम्पायर’ की स्लैब गिरी, 12 से ज्यादा मजदूरों के दबे होने की आशंका

गांधीनगर, 10 सितंबर। गुजरात की राजधानी गांधीनगर के कुडासन इलाके में बुधवार को एक निर्माणाधीन इमारत की स्लैब गिरने से बड़ा हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि ‘बोस्की एम्पायर’ नाम की इमारत में स्लैब डालने का काम चल रहा था, इसी दौरान अचानक स्लैब भरभराकर नीचे गिर गई।हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, 12 से ज्यादा मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका है।

11 मजदूरों को किया गया रेस्क्यू

हादसे की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। अब तक 11 लोगों को मलबे से बाहर निकालकर गांधीनगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एम्बुलेंस में तैनात एक कर्मचारी के मुताबिक, अस्पताल लाए गए 11 लोगों में 9 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं। इनमें कोई बच्चा नहीं है। सभी लोग निर्माण स्थल पर काम करने वाले मजदूर बताए जा रहे हैं।

जेसीबी और मशीनों से मलबा हटाने का काम जारी

मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है। ऐसे में जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। बचाव दल लगातार यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि मलबे के नीचे और कितने मजदूर फंसे हुए हैं। एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि उन्हें फोन के जरिए स्लैब गिरने की जानकारी मिली थी। उनके मुताबिक, घटना के वक्त निर्माण स्थल पर कितने लोग मौजूद थे, इसकी अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है। हालांकि, कई लोगों को अस्पताल पहुंचाए जाने की सूचना है और कुछ अन्य लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका बनी हुई है।

स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल पहुंचे, घायलों से की मुलाकात

हादसे की गंभीरता को देखते हुए गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया गांधीनगर सिविल अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि घायलों के इलाज के लिए मेडिकल टीम पूरी तरह से सक्रिय है। मरीजों के जरूरी एक्स-रे और ब्लड टेस्ट किए जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर स्पाइन, ऑर्थोपेडिक्स और सर्जरी के विशेषज्ञ डॉक्टरों को भी बुलाया गया है।

हादसे की वजह की जांच शुरू

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत में निर्माण कार्य चल रहा था और स्लैब डालने का काम किया जा रहा था। इसी दौरान स्लैब गिर गई। हादसे की वास्तविक वजह अभी सामने नहीं आई है। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और मौके पर सुरक्षा मानकों के पालन की भी जांच की जा रही है। राहत एवं बचाव अभियान पूरा होने के बाद हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की उम्मीद है।

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