गलगोटिया विश्वविद्यालय ने मांगी माफी, AI समिट में चीनी रोबोटिक डॉग को लेकर बताया- कैसे हो गई चूक
नई दिल्ली, 18 फरवरी। निजी क्षेत्र के गलगोटिया विश्वविद्यालय ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान चीन में निर्मित ‘रोबोटिक डॉग’ के प्रदर्शन को लेकर ‘असमंजस’ की स्थिति पैदा होने के लिए बुधवार को माफी मांगी। विश्वविद्यालय ने कहा कि उसके पैवेलियन में मौजूद उसके एक प्रतिनिधि को इस रोबोटिक उत्पाद के बारे में ‘सही जानकारी’ नहीं थी और उसने चीन में बने रोबोटिक डॉग को विश्वविद्यालय का नवोन्मेष बताया, जो सही नहीं था।
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब गलगोटिया विश्वविद्यालय में संचार विभाग की प्रोफेसर नेहा सिंह ने मंगलवार को ‘डीडी न्यूज’ चैनल को एक रोबोटिक डॉग ‘ओरियन’ दिखाते हुए कहा कि इसे ‘गलगोटिया विश्वविद्यालय के उत्कृष्टता केंद्र’ ने विकसित किया है।

रोबोट यूनिट्री जीओ2 था जिसे चीनी कम्पनी ने बनाई थी
इस वीडियो के प्रसारित होते ही सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने बताया कि यह रोबोट असल में यूनिट्री जीओ2 था, जिसे चीन की कम्पनी यूनिट्री रोबोटिक्स ने बनाया है और इसका दुनियाभर में शोध और शिक्षा में आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इस मामले पर विवाद होने के बाद विश्वविद्यालय को एआई समिट में आवंटित स्टॉल खाली करने का निर्देश दे दिया गया।
यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता मे बताई गलती की वजह
विश्वविद्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘हम एआई शिखर सम्मेलन में पैदा हुए असमंजस के लिए माफी मांगना चाहते हैं। पैवेलियन में मौजूद हमारे एक प्रतिनिधि को गलत जानकारी थी। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि यह रोबोट कहां का बना हुआ है। कैमरे पर आने के जोश में, उन्होंने गलत जानकारी दी जबकि उन्हें मीडिया से बात करने का अधिकार नहीं था। नवोन्मेष को गलत तरीके से दिखाने का हमारी कोई मंशा नहीं थी।’’
इससे पहले सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस कृष्णन ने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि कोई भी प्रदर्शक ऐसी चीजें दिखाए, जो उनकी अपनी नहीं हैं। उन्होंने आयोजकों द्वारा गलगोटिया विश्वविद्यालय को अपना स्टॉल हटाने के निर्देश पर कहा, ‘हम उत्पादों का इस तरह का प्रदर्शन नहीं चाहते हैं।’
