ऑपरेशन सिंधु : ईरान से 310 भारतीय नागरिकों को लेकर लौटी चौथी स्पेशल फ्लाइट, अब तक 827 भारतीय वतन लौटे

नई दिल्ली, 21 जून। इजराइल के साथ छिड़े संघर्ष के बीच ईरान से शनिवार को ‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत चौथी विशेष उड़ान नई दिल्ली पहुंची, जिसमें 310 भारतीय सवार थे। इसके साथ ही ईरान से अब तक 827 भारतीय वतन लौट आए हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पोस्ट में कहा, ‘मशहद से एक और निकासी उड़ान 21 जून को 1630 बजे ईरान से 310 भारतीय नागरिकों के साथ नई दिल्ली में उतरी। इसके साथ ही कुल 827 भारतीयों को निकाला जा चुका है।’

इसके पूर्व शुक्रवार की देर रात और शनिवार की भोर में दो विशेष उड़ानें कुल 290 भारतीयों को लेकर नई दिल्ली उतरी। थीं। इनमें 190 जम्मू-कश्मीर के लोग थे। सभी अपने देश वापस लौटकर बहुत खुश हैं। सभी यात्रियों ने ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाने के साथ भारत सरकार का आभार जताया।

विदेश मंत्रालय में सचिव (सीपीवी और ओआईए) अरुण कुमार चटर्जी ने बताया, “विदेश में भारतीय नागरिकों की सेफ्टी, सिक्योरिटी और वेलफेयर हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में दो दिन पहले ‘ऑपरेशन सिंधु’ की शुरुआत की गई थी। इस फ्लाइट में तेहरान से 290 यात्री लौटे हैं। हम ईरान की सरकार के साथ-साथ आर्मेनिया और तुर्कमेनिस्तान के बहुत आभारी हैं, जिन्होंने हमारे नागरिकों को विशेष फ्लाइट्स के जरिए ईरान से आने-जाने में सुविधा प्रदान की।”

उन्होंने आगे कहा, ‘आज जो फ्लाइट लैंड की है, इसमें 290 यात्री थे। इनमें 190 केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से थे। इसके अलावा हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक राज्यों से भी लोग थे। इसलिए उनकी मुस्कान ही हम सभी के लिए सबसे बड़ा इनाम थी।’

अरुण चटर्जी ने बताया, “ऑपरेशन सिंधु के तहत इजरायल में मौजूद भारतीय नागरिकों को वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन के लिए कहा गया है। इसलिए एक बार जब नागरिक वहां रजिस्ट्रेशन करा लेंगे, तो हम उनके लिए स्पेशल इवैक्युएशन फ्लाइट की व्यवस्था करेंगे, जिसके लिए विभिन्न एयरलाइन्स के साथ काम किया जा रहा है। ‘ऑपरेशन सिंधु’ अभी शुरू हुआ है। इसे अभी दो दिन ही हुए हैं। आज तीसरा दिन है, इसलिए निश्चिंत रहें। कई फ्लाइट्स आएंगी और इन देशों से हमारे नागरिकों को वापस लाएंगी। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनकी सलामती के साथ-साथ उनकी भलाई का भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में ध्यान रखा जाए।”

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