नई दिल्ली, 22 मार्च। जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व दिग्गज नेता के.सी. त्यागी रविवार को पार्टी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की मौजूदगी में राष्ट्रीय लोक दल (RLD) में शामिल हो गए। राष्ट्रीय राजधानी के मावलंकर हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम आरएलडी में शामिल होने के बाद केसी त्यागी ने कहा, ‘दोनों पार्टियों में कोई अंतर नहीं है क्योंकि दोनों ही पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया के आदर्शों का पालन करती हैं।’
फिलहाल त्यागी का पार्टी में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। उन्होंने याद करते हुए बताया कि चौधरी चरण सिंह ने उन्हें बहुत कम उम्र में ही हापुड़ से चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया था। उन्होंने उन्हें आर्थिक मदद भी दी थी।
‘मैं एमपी या एमएलए बनने के लिए पार्टी में शामिल नहीं हुआ हूं’
उन्होंने कहा, “मैं आरएलडी में एमपी या एमएलए बनने के लिए शामिल नहीं हुआ हूं बल्कि मैं जयंत चौधरी को उसी नजर से देखता हूं, जिस नजर से मैं चौधरी चरण सिंह को देखता था। 1974 में, यानी 52 वर्ष पहले, जब चौधरी चरण सिंह ‘लोक दल’ की स्थापना कर रहे थे, तब मैं उसी मंच पर मौजूद था।”
राष्ट्रीय लोकदल परिवार में वरिष्ठ एवं अनुभवी नेता, पूर्व सांसद, श्री के.सी. त्यागी जी और पूर्व मंत्री, उत्तर प्रदेश, श्री अशोक यादव जी का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन।
आज दिल्ली के मावलंकर हॉल में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें औपचारिक रूप से पार्टी में स्वागत करने… pic.twitter.com/Tau5Mr48NI
— Jayant Singh (@jayantrld) March 22, 2026
जयंत बोले थे – हर राजनीतिक पार्टी को त्यागी जैसे काबिल नेताओं की जरूरत
उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते जब केसी त्यागी की लिखी एक किताब रिलीज हुई तो जयंत उस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। उस अवसर पर जयंत ने कहा था कि हर राजनीतिक पार्टी को त्यागी जैसे काबिल नेताओं की जरूरत है। त्यागी ने गत 17 मार्च को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जद(यू) छोड़ दी थी। वह 2003 में समता पार्टी के साथ विलय के बाद से ही जद(यू) से जुड़े हुए थे। पहले, वह इसके मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता और राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर भी काम कर चुके थे।
जद(यू) से इस्तीफा देने के बाद एक प्रेस बयान में त्यागी ने कहा था, ‘अब पार्टी का सदस्यता अभियान खत्म हो गया है। इस बार मैंने पार्टी की सदस्यता रिन्यू नहीं करवाई है। नीतीश कुमार के लिए मेरा निजी सम्मान, जो लगभग आधी सदी तक मेरे साथी रहे, वैसा ही बना हुआ है।’
