भारत के पहले केबल आधारित रेल पुल पर इलेक्ट्रिक इंजन का परीक्षण, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शेयर किया वीडियो

नई दिल्ली, 26 दिसम्बर। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के अंजी खड्ड में भारत के पहले केबल-आधारित रेलवे पुल पर एक इलेक्ट्रिक इंजन का परीक्षण किया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को यह जानकारी दी और सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘पहला इलेक्ट्रिक इंजन सुरंग नंबर 1 और अंजी खड्ड केबल पुल से गुजरा।’ वैष्णव ने इसकी एक वीडियो क्लिप भी साझा की।

उल्लेखनीय है कि अंजी खड्ड रेलवे पुल का काम पिछले महीने पूरा हो गया था। अब इस परीक्षण के साथ ही अगले वर्ष जनवरी में कश्मीर में रेल सेवाओं की शुरुआत का रास्ता साफ हो गया है। केबल पुल के पूरा होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी प्रशंसा की भी थी।

उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लिंक परियोजना का हिस्सा है यह केबल पुल

यह पुल उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लिंक परियोजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कश्मीर घाटी और देश के बाकी हिस्सों के बीच रेल संपर्क प्रदान करना है। यह पुल पर टावर वैगन के ट्रायल रन के एक दिन बाद आया है। अंजी खड्ड पुल उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) के कटरा और रियासी खंड को जोड़ता है।

परियोजना पूर्ण होते ही देशभर से ट्रेनों की कश्मीर घाटी तक सीधी पहुंच होगी

यह परियोजना घाटी में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों का हिस्सा है। यह परियोजना पूर्ण होने के बाद देशभर से ट्रेनों की कश्मीर घाटी तक सीधी पहुंच हो जाएगी, जो इस क्षेत्र में सालभर पर्यटन को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने के लिए तैयार है। रेलवे सुरक्षा आयोग (सीआरएस) द्वारा जनवरी के पहले सप्ताह में कटरा-रियासी खंड का निरीक्षण करने की उम्मीद है।

 

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