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विधानसभाव चुनाव : असम, केरल व पुडुचेरी में थम गया चुनाव प्रचार, 9 अप्रैल को मतदान

विधानसभाव चुनाव : असम, केरल व पुडुचेरी में थम गया चुनाव प्रचार, 9 अप्रैल को मतदान

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नई दिल्ली, 7 अप्रैल। असम, केरल और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान मंगलवार शाम समाप्त हो गया। इन तीनों राज्यों में नौ अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा जबकि मतगणना चार मई को की जाएगी।

इतनी सीटों पर होगा मतदान

असम की 126, केरल की 140 और पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटों पर एक साथ वोट डाले जाएंगे। तीनों राज्यों/केंद्रशासित प्रदेश में राजनीतिक दलों ने अंतिम समय तक जोरदार प्रचार किया। चुनाव प्रचार थमने के बाद मतदान के पहले तक विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और प्रत्याशी जनसम्पर्क के जरिए प्रचार करेंगे।

असम में 722 उम्मीदवार जोर आजमा रहे

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के अनुसार असम में कुल 2.5 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 1.25 करोड़ पुरुष, 1.25 करोड़ महिलाएं और 343 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। 18-19 वर्ष आयु वर्ग के 5.75 लाख युवा पहली बार मतदान करेंगे। 126 सीटों पर 722 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं और बहुमत का आंकड़ा 64 है।

केरल में त्रिकोणीय मुकाबला

केरल में 140 सीटों के लिए 890 उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां सरकार बनाने के लिए 71 सीटों का बहुमत जरूरी है। राज्य में कुल 2.71 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 थर्ड जेंडर वोटर्स शामिल हैं।

पुडुचेरी में 30 सीटों के लिए होगी वोटिंग

पुडुचेरी में 30 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा, जिनमें 5 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। यहां सरकार बनाने के लिए 16 सीटों का बहुमत जरूरी है। कुल 9.44 लाख मतदाताओं में करीब 4.43 लाख पुरुष, 5 लाख महिलाएं और 139 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।

प्रचार पर 48 घंटे का प्रतिबंध लागू

चुनाव प्रचार समाप्त होने के साथ ही जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के तहत 48 घंटे का ‘साइलेंस पीरियड’ लागू हो गया है। इस दौरान कोई भी राजनीतिक दल, उम्मीदवार या समर्थक सार्वजनिक सभा, रैली या जुलूस आयोजित नहीं कर सकता।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विज्ञापनों पर रोक

इस अवधि में मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से संगीत, नाटक या किसी भी सांस्कृतिक कार्यक्रम पर रोक रहेगी। साथ ही टीवी, सिनेमा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर चुनाव प्रचार से जुड़ी सामग्री के प्रसारण पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

विज्ञापनों के लिए अनिवार्य अनुमति

मतदान से एक दिन पहले और मतदान के दिन समाचार पत्रों में राजनीतिक विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति (MCMC) से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

मतदाताओं को किया गया जागरूक

इससे पहले निर्वाचन आयोग ने विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए मतदाताओं को जागरूक किया ताकि अधिक से अधिक लोग अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

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