1. Home
  2. राज्य
  3. दिल्ली
  4. दिल्ली-NCR में फिर कांपी धरती : सोनीपत में महसूस किए गए भूकंप के झटके, नॉर्थ दिल्ली रहा केंद्र
दिल्ली-NCR में फिर कांपी धरती : सोनीपत में महसूस किए गए भूकंप के झटके, नॉर्थ दिल्ली रहा केंद्र

दिल्ली-NCR में फिर कांपी धरती : सोनीपत में महसूस किए गए भूकंप के झटके, नॉर्थ दिल्ली रहा केंद्र

0
Social Share

चंडीगढ़/सोनीपत,19 जनवरी। हरियाणा के सोनीपत और दिल्ली से सटे इलाकों में सोमवार सुबह भूकंप के झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। रिक्टर स्केल पर 2.8 की तीव्रता वाले इस भूकंप का केंद्र नॉर्थ दिल्ली में जमीन के महज 5 किलोमीटर नीचे दर्ज किया गया। सुबह 8:44 बजे महसूस हुई इस हलचल के कारण कई लोग घबराकर अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। 3 दिन में दूसरी बार हिली सोनीपत की जमीन सोनीपत जिले में भूकंप की यह लगातार दूसरी घटना है।इससे पहले बीते शुक्रवार, 16 जनवरी को भी गोहाना क्षेत्र में 3.5 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र भी जमीन के 5 किलोमीटर नीचे ही था। तीन दिन के भीतर दोबारा आए इन झटकों ने स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा दी है।

हालांकि, राहत की बात यह है कि इन दोनों ही घटनाओं में जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।पिछले 8 महीनों का घटनाक्रम: बार-बार कांप रहा हरियाणाहरियाणा और दिल्ली-NCR के इलाकों में भूकंप आने का सिलसिला पिछले साल से ही जारी है। अगर पिछले आठ महीनों पर नजर डालें, तो राज्य के अलग-अलग जिलों में धरती कई बार हिली है।इस सिलसिले की शुरुआत पिछले साल 27 जून 2025 को हुई थी, जब महेंद्रगढ़ में 2.8 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद जुलाई का महीना काफी सक्रिय रहा; 10 जुलाई 2025 को झज्जर केंद्र के साथ 4.4 तीव्रता का शक्तिशाली झटका महसूस किया गया, जिसका असर गुरुग्राम, रोहतक और हिसार तक रहा।

अगले ही दिन 11 जुलाई को फिर झज्जर में 3.7 तीव्रता का भूकंप आया।जुलाई के मध्य में भी राहत नहीं मिली और 16-17 जुलाई की दरम्यानी रात रोहतक में 3.6 तीव्रता, जबकि 17 जुलाई की दोपहर झज्जर में 2.5 तीव्रता के झटके लगे। इसके कुछ दिन बाद 22 जुलाई को फरीदाबाद में 3.2 तीव्रता की हलचल दर्ज की गई। अगस्त के महीने में भी 10 अगस्त को झज्जर एक बार फिर 3.1 तीव्रता के भूकंप के साथ केंद्र बना रहा। अब साल 2026 की शुरुआत में सोनीपत और गोहाना क्षेत्र में लगातार दो झटकों ने भू-वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है।

  • विशेषज्ञों की राय और सुरक्षा

नेशनल सिस्मोलॉजी सेंटर (NSC) के अनुसार, दिल्ली-NCR और हरियाणा का बड़ा हिस्सा भूकंप के लिहाज से संवेदनशील ‘सिस्मिक जोन 4’ में आता है। जमीन के नीचे मौजूद फॉल्ट लाइन्स में लगातार होने वाले एडजस्टमेंट की वजह से ये छोटे झटके महसूस किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और भूकंप के दौरान सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

Join our WhatsApp Channel

And stay informed with the latest news and updates.

Join Now
revoi whats app qr code