तमिलनाडु चुनाव : 164 सीटों पर लड़ेगी DMK, सीएम स्टालिन अपनी पुरानी सीट कोलाथुर से ही मैदान में उतरेंगे
चेन्नई, 28 मार्च। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शनिवार को एक अहम घोषणा करते हुए साफ कर दिया कि उनकी पार्टी DMK इस बार 164 सीटों पर खुद चुनाव लड़ने जा रही है। सीएम स्टालिन खुद अपनी पुरानी और भरोसेमंद सीट कोलाथुर से ही मैदान में उतरेंगे। उन्होंने अपनी टीम और गठबंधन का जो फॉर्मूला पेश किया है, उसे उन्होंने खुद ‘महा-महा गठबंधन’ का नाम दिया है।
गठबंधन के फॉर्मूले ‘महा-महा गठबंधन‘ का नाम दिया
स्टालिन ने इस चुनावी तैयारी को लेकर बातचीत के दौरान विरोधियों पर चुटकी लेते हुए कहा, ‘हम भले ही अपनी लिस्ट लाने में थोड़ा समय ले रहे थे, लेकिन हम लेटेस्ट आए हैं। गठबंधन के साथियों के साथ बहुत ही धैर्य से बातचीत हुई और बिना किसी मनमुटाव के 70 सीटें सहयोगियों के लिए छोड़ दी गई हैं। इस बड़े गठबंधन में कांग्रेस को 28 सीटें मिली हैं, जबकि प्रेमलता विजयकांत की पार्टी DMDK के खाते में 10 सीटें गई हैं।
कांग्रेस को 28 सहित सहयोगियों के लिए छोड़ीं 70 सीटें
देखा जाए तो यह सिर्फ सीटों का बंटवारा नहीं बल्कि स्टालिन इसे एक वैचारिक मेल बता रहे हैं। उनका मानना है कि यह गठबंधन केवल चुनाव जीतने के लिए नहीं, बल्कि एक जैसी सोच वाले दलों को साथ लाने के लिए है। इस पूरी प्रक्रिया में स्टालिन ने यह भी साफ कर दिया कि विपक्ष चाहे जितने भी आरोप लगा ले, जनता उनके काम को देख रही है। स्टालिन 30 मार्च से अपना धुआंधार प्रचार शुरू करने जा रहे हैं, वहीं उनके बेटे और डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन 31 मार्च से मोर्चा संभालेंगे।
एक नई और पढ़ी-लिखी फौज के साथ मैदान में उतर रहे स्टालिन
DMK की इस 164 उम्मीदवारों वाली लिस्ट में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें पढ़ाई-लिखाई को बहुत अहमियत दी गई है। पार्टी ने इस बार पुराने ढर्रे को छोड़ते हुए प्रोफेशनल्स पर भरोसा जताया है। इस लिस्ट में 29 वकील, 17 इंजीनियर, 15 डॉक्टर और 7 पीएचडी होल्डर्स शामिल हैं। इतना ही नहीं, करीब 60 चेहरे ऐसे हैं, जिन्हें पहली बार चुनाव लड़ने का मौका मिल रहा है। यानी स्टालिन एक नई और पढ़ी-लिखी फौज के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में हैं।
इस बार 18 महिला उम्मीदवार मैदान में
सीटों के समीकरण में भी कुछ बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन अपनी वर्तमान सीट चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी से ही फिर चुनाव लड़ेंगे, लेकिन मंत्री सेंथिल बालाजी की सीट बदल दी गई है। वह अब करूर की जगह कोयंबटूर साउथ से ताल ठोकेंगे। इसके अलावा, राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी ओ. पनीरसेल्वम (OPS) को बोडिनायकन्नूर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। महिलाओं की भागीदारी पर भी ध्यान दिया गया है और 18 महिला उम्मीदवारों को इस बार मौका मिला है।
गठबंधन के अन्य साथियों की बात करें तो VCK को आठ, लेफ्ट (CPI और CPIM) को पांच-पांच और MDMK को चार सीटें दी गई हैं। इसके अलावा IUML, MMK और SDPI जैसे छोटे दलों को भी इस ‘महा-महा गठबंधन’ में जगह दी गई है। स्टालिन का आत्मविश्वास इस बात से झलकता है कि उन्होंने युवाओं और महिलाओं के विंग में कोई भेदभाव नहीं किया है और सभी को बराबरी का मौका देने की कोशिश की है। अब देखना यह होगा कि स्टालिन का यह लेटेस्ट और पढ़ा-लिखा फॉर्मूला चुनाव के नतीजों में कितना कमाल दिखा पाता है।
