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तमिलनाडु : DMK की अगुआई में 21 दलों का गठबंधन, कांग्रेस को 28 सीटें देने पर बनी सहमति

तमिलनाडु : DMK की अगुआई में 21 दलों का गठबंधन, कांग्रेस को 28 सीटें देने पर बनी सहमति

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चेन्नई, 4 मार्च। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में DMK ने एक विशाल गठबंधन तैयार किया है, जिसमें कुल 21 पार्टियां शामिल हुई हैं। इसी क्रम में  कांग्रेस एक बार फिर इस गठबंधन का हिस्सा बनी है और डीएमके ने उसे 28 सीटें देने पर सहमति व्यक्त कर दी है।

पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 25 में 18 सीटें जीती थीं

मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. सेल्वापेरुन्थागाई के बीच बुधवार को इस निमित्त एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में निर्वाचन क्षेत्रों के बंटवारे पर अंतिम मुहर लगा दी गई। डीएमके और कांग्रेस के बीच हुए समझौते के तहत यह फैसला लिया गया है कि कांग्रेस तमिलनाडु में 28 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। यह 2021 के गठबंधन में मिली 25 सीटों से तीन ज्यादा हैं। पिछली बार कांग्रेस ने सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस के हिस्से के तौर पर 25 सीटों पर चुनाव लड़ा और 18 सीटें जीतीं थी।

राज्यसभा चुनाव में भी कांग्रेस के लिए एक सीट आरक्षित

इसके अलावा आगामी राज्यसभा चुनावों में भी कांग्रेस पार्टी के लिए एक सीट आरक्षित की गई है। इसी क्रम में डीएमके ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा भी कर दी है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता तिरुचि शिवा पर एक बार फिर भरोसा जताते हुए उन्हें राज्यसभा सांसद के रूप में बरकरार रखा है जबकि कॉन्स्टेंटाइन रविंद्रन को पहली बार राज्यसभा भेजने का फैसला किया गया है। इस गठबंधन में DMK को 2, कांग्रेस को एक और DMDK को एक राज्यसभा सीट मिली है।

गठबंधन टूटने की कगार पर था, चिदंबरम ने बचाया

उल्लेखनीय है कि एक समय यह गठबंधन सत्ता में हिस्सेदारी और ज्यादा सीटों की मांग पर टूटने की कगार पर पहुंच गया था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने पार्टी हाईकमान के दूत के रूप में मंगलवार को स्टालिन से मुलाकात की और लंबी बातचीत के बाद गतिरोध खत्म हुआ।

बुधवार शाम को स्टालिन पहले डीएमके मुख्यालय पहुंचे। इसके बाद कांग्रेस के तमिलनाडु प्रभारी गिरिश चोडणकर, टीएनसीसी अध्यक्ष सेल्वापेरुन्थगई, विधायक दल के नेता राजेश कुमार सहित अन्य नेता मुख्यमंत्री से मिले और समझौते पर हस्ताक्षर किए।

कांग्रेस में खुशी का माहौल

समझौते के बाद पत्रकारों से बातचीत में सेल्वापेरुन्थगई ने कहा, ‘राज्यसभा सीट के उम्मीदवार का एलान टीएनसीसी और कांग्रेस हाईकमान जल्द करेगा। हम बहुत खुश हैं और हमें संतुष्टि की भावना है।’ गिरिश चोडणकर ने बताया कि पुडुचेरी के लिए सीट-शेयरिंग की औपचारिक बातचीत गुरुवार से शुरू होगी।

तमिलनाडु की राजनीति में रचा इतिहास

डीएमके ने एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए लिखा, ‘तमिलनाडु की राजनीति के इतिहास में ये पहली बार है कि एक ही गठबंधन, बिना टूटे और नई पार्टियों को शामिल करते हुए चौथी बार चुनावों का सामना कर रहा है। तमिलनाडु की राजनीति का अब तक का इतिहास रहा है कि विधानसभा चुनाव के लिए बना गठबंधन अगले चुनाव तक कभी टिक नहीं पाया।’ पार्टी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री स्टालिन ने अपने अनूठे व्यक्तित्व और सौहार्दपूर्ण स्वभाव से ये नया इतिहास रचा है।

विपक्ष पर साधा निशाना

डीएमके ने विपक्षी नेताओं पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्षी नेता पिछले दो साल से गठबंधन टूटने की भविष्यवाणी कर रहे थे, लेकिन उनकी इच्छाएं अनसुनी रह गईं। डीएमके ने तंज कसते हुए कहा कि कल के दिल्ली इंटरव्यू तक एडप्पादी पलानीस्वामी गठबंधन टूटने की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन आखिर में वो अकेले रह गए। पार्टी ने दावा किया कि सत्ताधारी दल के समर्थन की लहर को देखते हुए कई नए दल भी इस मोर्चे में शामिल हो रहे हैं।

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