नई दिल्ली, 8 सितंबर। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत ढहने के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मामले में गिरफ्तार प्रॉपर्टी मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने हरिराम गुप्ता और उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, इमारत के रखरखाव और दैनिक संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाले उनके बेटे महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस रिमांड के दौरान महेश से इमारत में हुए निर्माण कार्य, मरम्मत और कथित नियमों के उल्लंघन को लेकर पूछताछ करेगी।
मालिक दंपति को जेल, बेटे से पूछताछ जारी
आरके पुरम थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की थी। अदालत ने हरिराम गुप्ता और उर्मिला गुप्ता को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। वहीं, महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। पुलिस के मुताबिक, महेश इमारत के दैनिक संचालन, पीजी और किरायेदारों की व्यवस्था तथा रखरखाव से जुड़े मामलों को देखता था। पुलिस अब उससे इमारत में कराए गए निर्माण और मरम्मत कार्यों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
पत्नी के नाम थी इमारत की रजिस्ट्री
पुलिस जांच में इमारत के स्वामित्व और परिवार के सदस्यों की भूमिका को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच के अनुसार, पांच मंजिला इमारत उर्मिला गुप्ता के नाम पर रजिस्टर्ड थी। वहीं, इमारत में बिजली का वैध कनेक्शन हरिराम गुप्ता के नाम पर जारी था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इमारत में निर्माण और बदलाव किसकी अनुमति से किए गए थे और क्या इनमें निर्धारित नियमों का उल्लंघन हुआ था।
अवैध निर्माण के एंगल से भी जांच
पुलिस महेश गुप्ता से इमारत में हुए निर्माण और मरम्मत कार्यों के बारे में जानकारी जुटा रही है। जांच में स्वीकृत नक्शे, निर्माण की अनुमति और भवन निर्माण से जुड़े नियमों के संभावित उल्लंघन को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा, पुलिस इस मामले में नगर निगम और संबंधित विभागों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों और अन्य लोगों की संभावित मिलीभगत के आरोपों को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन मार्केट इलाके में 6 सितंबर को पांच मंजिला पीजी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान चलाकर मलबे से लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में युवा छात्र और कामगार शामिल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और अब निर्माण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।


