जनरल बाजवा का विवादित बयान, कहा- 1971 की जंग में केवल 34 हजार जवानों ने किया था आत्‍मसमर्पण

इस्लामाबाद, 25 नवंबर। पाकिस्‍तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा ने बांग्‍लादेश उदय और वहां पर भारतीय सेना के सामने पाकिस्‍तानी सेना के जवानों के आत्‍मसमर्पण को लेकर एक विवादित बयान दिया है। उन्‍होंने कहा 1971 की जंग में भारतीय सेना के सामने पाकिस्‍तान के महज 34 हजार जवानों ने आत्‍मसमर्पण किया था। ऐसा कहकर उन्‍होंने भारत द्वारा किए जाते रहे उस दावे को झूठा बताने की कोशिश की है जिसमें कहा जाता है कि 1971 की जंग में भारतीय सेना के सामने पाकिस्‍तान के करीब 90 हजार से अधिक जवानों ने आत्‍मसमर्पण किया था।

बता दें कि जनरल बाजवा 29 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं और उनकी जगह पाकिस्‍तान के राष्‍ट्रपति ने लेफ्टिनेंट जनरल आसिम मुनीर को नया सेनाध्‍यक्ष नियुक्‍त किया है। जनरल बाजवा ने अपने सेना प्रमुख के पद से रिटायर होने से पहले इस तरह का बयान देकर विवाद को पैदा करने की कोशिश की है।

  • सेना की कमी नहीं है राजनीतिक विफलता

रक्षा और शहीदी दिवस के मौके उन्‍होंने कहा कि पूर्वी पाकिस्‍तान, जो अब बांग्‍लादेश है, वो सेना की खामियों का नतीजा नहीं था बल्कि राजनीतिक विफलता का कारण बना था। इस दौरान भारतीय सेना के सामने पाकिस्‍तान सेना के 92 हजार जवानों ने नहीं बल्कि 34 हजार जवानों ने आत्‍मसमर्पण किया था। उनका कहना था कि अन्‍य पाकिस्‍तान के दूसरेविभागों से थे, जो उस वक्‍त ढाका में तैनात थे, आत्‍मसमर्पण किया था।

जनरल बाजवा ने कहा कि जिन 34 हजार पाकिस्‍तानी जवानों ने आत्‍मसमर्पण किया था वो भारतीय सेना के ढाई लाख जवानों और बांग्‍लादेश की मुक्ति वाहिनी के दो लाख ट्रेंड जवानों से लोहा ले रहे थे। वो जानते थे कि वो भारतीय सेना के आगे काफी कम हैं, फिर भी वो लड़े।

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