असम चुनाव : कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को सौंपी अहम जिम्मेदारी, प्रत्याशियों के स्क्रीनिंग पैनल की प्रमुख नियुक्त
नई दिल्ली, 4 जनवरी। कांग्रेस ने असम में इसी वर्ष प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के निमित्त पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को अहम जिम्मेदारी सौंपी है। इस क्रम में प्रियंका को उम्मीदवारों के चयन के लिए स्क्रीनिंग पैनल का प्रमुख नियुक्त किया गया है।
गांधी परिवार के किसी सदस्य को पहली बार ऐसी जिम्मेदारी
केरल के वायनाड से सांसद प्रियंका एक रणनीतिकार के तौर पर जानी जाती हैं। वह पहली बार सीधे तौर पर विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने में भूमिका निभाएंगी। गांधी परिवार के किसी भी सदस्य को पहली बार इस प्रकार की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उल्लेखनीय है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने असम में भाजपा को पटखनी देने के उद्देश्य से पहले अपने सहयोगी व लोकसभा सांसद गौरव गोगोई को 2025 में असम कांग्रेस का प्रमुख बनाया था और अब अपनी बहन प्रियंका गांधी को स्क्रीनिंग कमेटी का प्रमुख बनाकर अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं।
बिहार में टिकट बंटवारे में गड़बड़ी के आरोपों के बाद राहुल गांधी सतर्क
पार्टी सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी चाहते हैं कि असम में उम्मीदवार चुनने की प्रक्रिया न सिर्फ पारदर्शी हो बल्कि उसमें कोई विवाद भी न हो। जैसा कि हाल ही में बिहार विधानसभा चुनाव में हुआ था, जहां राज्य के नेताओं के एक समूह ने टिकट बांटने में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि प्रियंका गांधी का स्क्रीनिंग कमेटी का हेड बनाने से असम में किसी भी गलती की संभावना खत्म हो जाएगी और कमेटी पार्टी कार्यकर्ताओं में भरोसा जगाएगी।
कांग्रेस ने 5-20 जनवरी तक मांगे ऑनलाइन आवेदन
कांग्रेस ने आगामी असम विधानसभा चुनावों के लिए पांच से 20 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करने का फैसला किया है और जो लोग आवेदन करना चाहते हैं, उनसे 50,000 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट भी अटैच करने को कहा गया है। इसके अलावा, कांग्रेस पार्टी ने अपनी दावेदारी पेश करने वालों से यह भी वादा करने को कहा है कि यदि उन्हें टिकट नहीं मिलता है तो वे पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय या किसी दूसरी पार्टी के टिकट पर चुनाव नहीं लड़ेंगे।
स्क्रीनिंग कमेटी जल्द ही करेगी असम का दौरा
कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि स्क्रीनिंग कमेटी, जिसमें लोकसभा सांसद सप्तगिरी शंकर उलाका और इमरान मसूद और AICC के पदाधिकारी सिरिवेल्ला प्रसाद शामिल हैं, जल्द ही संभावित उम्मीदवारों का जमीनी स्तर पर फीडबैक लेने के लिए असम का दौरा करेगी। इसके अलावा जिताऊ उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने के लिए चल रहे अलग-अलग आंतरिक सर्वेक्षण को भी ध्यान में रखा जाएगा। स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा राज्य इकाई से विचार-विमर्श करके शॉर्टलिस्ट किए गए नाम सेंट्रल इलेक्शन कमेटी को भेजे जाएंगे, जो आखिर में पार्टी उम्मीदवारों को मंजूरी देगी।
पिछले दो विधानसभा चुनाव में कमजोर रहा है पार्टी का प्रदर्शन
गौरतलब है कि कांग्रेस असम में 2016 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से हार गई थी। भाजपा ने 2021 के विधानसभा चुनाव में भी जीत हासिल की। कांग्रेस इस बार भाजपा सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर पर भरोसा कर रही है।
हालांकि, आगामी चुनाव देश की सबसे पुरानी पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती होंगे क्योंकि कांग्रेस 2021 के चुनाव में कुल 126 विधानसभा सीटों में से केवल 29 जीत सकी थी। भाजपा ने 60 सीटें जीती थीं। वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव में, कांग्रेस असम की कुल 14 लोकसभा सीटों में से केवल तीन सीटें जीत सकी थी जबकि भाजपा ने नौ सीटें हासिल की थीं।
